बोकारो: झारखंड के बोकारो जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है. यहां दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) के आद्रा मंडल में तैनात एक जूनियर इंजीनियर को केंद्रीय सीबीआई ने रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए मंगलवार को गिरफ्तार किया है. आरोपी इंजीनियर ने एक निजी कंपनी से बिजली कनेक्शन देने के नाम पर कमीशन की मांग की थी.

क्या है पूरा मामला?
भ्रष्टाचार का यह मामला रेलवे के ट्रैक डबलिंग प्रोजेक्ट से जुड़ा है. दरोगा प्रधान कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी वर्तमान में आद्रा डिवीजन के अंतर्गत रेलवे ट्रैक को दोगुना करने के प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. इस परियोजना के संचालन के लिए कंपनी ने भोजूडीह बोकारो में अपना एक साइट ऑफिस बनाया है. साइट ऑफिस के संचालन के लिए बिजली के कनेक्शन की आवश्यकता थी. आरोप है कि दक्षिण पूर्व रेलवे में कार्यरत जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) रविंद्र कुमार ने इस कनेक्शन को मंजूरी देने के बदले 15 हजार रुपये की अवैध वसूली की मांग की.
CBI की जाल में ऐसे फंसा इंजीनियर:
कंपनी के साइट इंजीनियर अरविंद कुमार राय ने भ्रष्टाचार के खिलाफ झुकने के बजाय कानून का सहारा लिया. उन्होंने 27 फरवरी को धनबाद स्थित सीबीआई कार्यालय में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की टीम ने मामले की प्राथमिक जांच की, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई.योजना के मुताबिक, सीबीआई ने जाल बिछाया, जैसे ही आरोपी इंजीनियर रविंद्र कुमार ने रिश्वत की राशि स्वीकार की, पहले से घात लगाकर बैठी सीबीआई टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. सीबीआई की इस अचानक हुई कार्रवाई से रेलवे के आद्रा मंडल और स्थानीय विभाग में हड़कंप मच गया है. गिरफ्तारी के बाद आरोपी के ठिकानों पर भी तलाशी ली जा सकती है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस सिंडिकेट में अन्य लोग भी शामिल हैं.

