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सत्ता पक्ष ने विपक्ष को मात देने की बनाई फुल-प्रूफ रणनीति: विधायकों को पूरी तैयारी से आने का निर्देश, विपक्ष के हमलों से निपटने के लिए इतिहास के पन्ने पलटेगा सत्ता पक्ष

Prerna Ranchi: झारखंड विधानसभा के 6 से 12 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र के आगाज से ठीक पहले राजधानी रांची में...

The ruling party has developed a foolproof strategy to defeat the opposition: MLAs have been instructed to arrive fully prepared, and the ruling party will turn to history to counter the opposition's attacks.

Prerna

Ranchi: झारखंड विधानसभा के 6 से 12 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र के आगाज से ठीक पहले राजधानी रांची में राजनीतिक हलचलें अपने चरम पर हैं. सत्र के सुचारू संचालन और रणनीतिक तैयारी को लेकर बुधवार को डॉ. श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान में सत्ता पक्ष के मंत्रियों और विधायकों की बैठक सीएम हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई. इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के. राजू भी विशेष रूप से शामिल हुए. बैठक के दौरान आगामी सत्र को लेकर सत्ता पक्ष ने विपक्ष को हर मोर्चे पर घेरने और छात्र आंदोलन से जुड़े सवालों का करारा व तथ्यात्मक जवाब देने के लिए पूरी तरह से ‘फुल-प्रूफ’ रणनीति तैयार की गई.

विपक्ष के हमलों से निपटने के लिए इतिहास के पन्ने पलटेगा सत्ता पक्ष

सूत्रों के अनुसार, बैठक में यह सर्वसम्मति से तय किया गया कि सदन के भीतर विपक्ष द्वारा छात्र आंदोलन और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के उठाए जाने वाले मुद्दों पर केवल बचाव की मुद्रा में रहने के बजाय आक्रामक रुख अपनाया जाएगा. सत्ता पक्ष सदन में भाजपा के पिछले शासनकाल के दौरान हुई गड़बड़ियों और उन मामलों में वर्षों से चल रही सीबीआई जांच की सुस्त रफ्तार को सदन को रखेगा. इसके साथ ही, सरकार का यह भी पक्ष मजबूती से रखा जाएगा कि छात्रवृत्ति की राशि जारी करने में केंद्र सरकार द्वारा झारखंड के साथ लगातार भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सत्ता पक्ष के सभी विधायकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरी तैयारी, पुख्ता आंकड़ों और सजगता के साथ सदन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं.

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वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने साफ की कमेटी की स्थिति

छात्र आंदोलन और उसके समाधान को लेकर सरकार की ओर से गठित कमेटी के स्वरूप पर चल रही चर्चाओं के बीच, वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट किया है. उन्होंने मीडिया के समक्ष साफ किया कि सरकार द्वारा बनाई गई इस विशेष कमेटी का मुख्य उद्देश्य छात्रों के साथ सीधी वार्ता करना नहीं, बल्कि पूरे छात्र आंदोलन की गतिविधियों पर लगातार और बारीकी से नजर बनाए रखना है. वित्त मंत्री ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि प्रशासन ने अपनी मंशा और उठाए जा रहे कदमों से छात्रों को अवगत करा दिया है, और कानूनी रूप से जो भी आवश्यक कार्रवाई है, वह की जा रही है. उन्होंने आंदोलन के व्यावहारिक समाधान का संकेत देते हुए कहा कि ऐसी परिस्थितियों में कई बार संतुलन बनाने के लिए छात्रों को भी थोड़ा लचीला रुख अपनाना पड़ सकता है, तो वहीं सरकार भी कदम आगे बढ़ाने के लिए तैयार है.

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आक्रामक तेवर के साथ सदन में उतरेगा सत्ता पक्ष

आगामी 6 अगस्त से शुरू होने जा रहे मानसून सत्र के दौरान जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े छात्र आंदोलन की गूंज सदन के अंदर और बाहर साफ सुनाई देने के पूरे आसार हैं. एक तरफ जहां छात्र अपनी मांगों को लेकर मुखर हैं, वहीं दूसरी तरफ सत्ता पक्ष ने भी विपक्ष के हर वार का काउंटर करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. अब देखना यह होगा कि सदन के पटल पर दोनों पक्ष एक-दूसरे को किस प्रकार चुनौती देते हैं और इन ज्वलंत मुद्दों पर क्या नए निष्कर्ष सामने आते हैं.

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