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झारखंड विधानसभा का मॉनसून सत्रः सदन में एक्शन टेकन रिर्पोट पेश, अफसरों पर कार्रवाई से लेकर किसानों को राहत देने का लिया गया है फैसला

Ranchi: झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन सदन में संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) पेश किया....

Ranchi: झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन सदन में संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) पेश किया. ATR में भ्रष्टाचार के पुराने मामलों पर कसता शिकंजा, JPSC-JSSC की नियुक्तियों का लेखा-जोखा, किसानों को मिलने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े कई कामों को अंजाम तक पहुंचाया गया है. सदन में पेश ATR  में 18 फरवरी 2026 से 18 मार्च 2026 तक की अवधि के कृत कार्रवाई प्रतिवेदन को शामिल किया गया है.

तत्कालीन JSEB के 5 अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई का कच्चा चिट्ठा

• वित्त सचिव की अध्यक्षता में गठित त्रिसदस्यीय समिति के प्रतिवेदन के आलोक में तत्कालीन JSEB के कुल 05 पदाधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की गई.
• डीएन राम (तल्कालीन मुख्य अभियंता – उत्पादन): इनके विरुद्ध संचालित विभागीय कार्रवाई के दौरान 20 जून 2016 को आकस्मिक निधन हो जाने के कारण विभागीय कार्रवाई की संचिका को समाप्त कर दिया गया.
• बीके चौधरी (तत्कालीन परियोजना प्रबंधक, स्वर्णरेखा जल विद्युत परियोजना, सिकिदिरी – सम्प्रति सेवानिवृत्त): इनके विरुद्ध चली कार्रवाई में 40% पेंशन कटौती का दंड अधिरोपित किया गया था. इसके खिलाफ इन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर किया, जिस पर 11 दिसंबर 2025 को आदेश पारित हुआ. इसके अनुपालन में इन्होंने निगम में अपील अभ्यावेदन समर्पित किया है, जिस पर कार्रवाई प्रक्रियाधीन है.
• गोपी नाथ सिंह मुण्डा (तत्कालीन अभियंता प्रमुख जीटीओ- सम्प्रति सेवानिवृत्त): इनके विरुद्ध दो वर्षों के लिए 02% अस्थाई पेंशन कटौती के दंड हेतु द्वितीय कारणपृच्छा की गई थी. जवाब में इन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि CBI के जांच प्रतिवेदन में इनका नाम प्रतिवेदित नहीं था. अतः इन्हें आरोप मुक्त किया जाए, इस पर निर्णय फिलहाल लंबित है.
• प्रवीण कुमार (तत्कालीन विद्युत कार्यपालक अभियंता – उत्पादन, सम्प्रति विद्युत कार्यपालक अभियंता): समीक्षा के उपरांत संकल्प संख्या 281 (दिनांक 25.07.2019) के माध्यम से इन्हें पूरी तरह आरोप मुक्त कर दिया गया है.
• प्रमोद कुमार (तत्कालीन वित्त नियंत्रक-II): इनके विरुद्ध दो वार्षिक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक का आदेश निर्गत हुआ था. अपील दायर करने के बाद समीक्षा के उपरांत इन्हें भी आरोप मुक्त किया जा चुका है.
• इसके अलावा, न्यायिक प्रक्रिया में की गई लापरवाही के लिए निगम के 06 अन्य दोषी पदाधिकारियों के विरुद्ध भी अलग से विभागीय कार्रवाई संचालित है.

JPSC और JSSC की नियुक्तियों का महा-लेखा जोखा

• सदन को अवगत कराया गया कि राज्य सरकार विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने के लिए मिशन मोड में काम कर रही है.
• झारखंड लोक सेवा आयोग: वर्ष 2020 से अब तक विभिन्न विभागों में राजपत्रित एवं अराजपत्रित पदों के लिए कुल 3,377 पदों पर नियुक्ति हेतु अनुशंसा की जा चुकी है. फिलहाल 798 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन प्रकाशित हैं और 847 पदों पर विज्ञापन प्रकाशन की प्रक्रिया तेजी से चल रही है.
• झारखंड कर्मचारी चयन आयोग : वर्ष 2019 से अब तक विभिन्न सेवाओं व संवर्गों के अंतर्गत कुल 39,687 पदों पर अनुशंसा की जा चुकी है. वर्तमान में 20,206 पदों के लिए विज्ञापन प्रकाशित हो चुका है और 1,759 पदों पर विज्ञापन निकालने की प्रक्रिया प्रक्रियाधीन है.

किसानों के लिए बड़ी राहत

• खरीफ विपणन मौसम में किसानों को सामान्य धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य मद में 2,369 रुपये प्रति क्विंटल और बोनस के रूप में 81 रुपये प्रति क्विंटल यानी कुल 2,450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है.
• खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के दौरान पूरे राज्य में 850 क्रय केंद्रों के माध्यम से 31 मार्च 2026 तक कुल 49,25,005.36 क्विंटल (लगभग 4.92 लाख मीट्रिक टन) धान की खरीद की जा चुकी है.
• उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला अनुश्रवण समिति आवश्यकतानुसार अधिप्राप्ति केंद्रों का चयन करती है, जहां निबंधित किसानों से पारदर्शी तरीके से धान खरीदा जाता है. (उदाहरणस्वरूप, निरसा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 3 प्रखंड आते हैं, जहां किसानों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है).

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना और सेतु योजनाओं की प्रगति

• मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना (01 से 05 करोड़ तक की राशि): स्वीकृत कुल 794 योजनाओं में से 753 निविदाओं का निष्पादन हो चुका है. 17 योजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन अपलोड है और उस पर ग्रिवांस प्राप्त है, 14 का तकनीकी मूल्यांकन चल रहा है, 4 योजनाएं पुनर्निविदा में हैं और 6 योजनाएं अन्य विभागों को स्थानांतरित की जा चुकी हैं.
• मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना (5.00 करोड़ से अधिक राशि): कुल 41 बड़ी योजनाओं में से 19 का टेंडर निष्पादित हो चुका है, जबकि शेष 22 योजनाओं का निष्पादन प्रक्रिया में है, जिसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा.
• मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना: लंबित 29 योजनाओं में से 14 का निविदा निष्पादन कराया जा चुका है और शेष 15 का काम प्रक्रिया में है.
• मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना: पुल-पुलियों के निर्माण के मामले में स्थिति यह है कि निविदा निष्पादन के स्तर पर कोई भी योजना लंबित नहीं है.

पेयजल संकट पर बड़ा एक्शन

• पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या से निपटने के लिए बड़े कदम उठाए गए हैं.
• गत वर्ष की प्रगति: वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य की कुल 4,351 ग्राम पंचायतों में प्रति पंचायत 10 नलकूप के हिसाब से कुल 43,510 नलकूप लगाने की स्वीकृति दी गई थी. इसके विरुद्ध कुल 37,896 नलकूप (लगभग 87 प्रतिशत) का सफल अधिष्ठापन किया जा चुका है.
• चालू वित्तीय वर्ष का लक्ष्य (2026-27): राज्य के 263 प्रखंडों में पेयजल संकट के स्थायी निदान के लिए कुल 7,890 नए चापाकलों के अधिष्ठापन का प्रस्ताव राज्य योजना प्राधिकृत समिति के अनुमोदन के लिए भेजा गया है.
• वितरण का नया फार्मूला: इन चापाकलों में से प्रति प्रखंड 9 से 20 चापाकल माननीय विधायकों की अनुशंसा के आधार पर और शेष 10 चापाकल विभागीय क्षेत्रीय पदाधिकारियों की अनुशंसा पर स्थल आधारित आवश्यकता को देखते हुए विभाग के विवेकाधीन लगाए जाएंगे.

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