Ranchi: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर सुलगती छात्र असंतोष की आग को शांत करने के लिए राज्य सरकार ने अब पूरी ताकत झोंक दी है. परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और नियुक्तियों में गड़बड़ी को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत छात्रों के गुस्से के बीच, सरकार ने नरमी दिखाते हुए सीधे संवाद का रास्ता चुना है. वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने गुरुवार को अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि सरकार छात्रों की हर जायज मांग को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क पर टकराव से नहीं, बल्कि बातचीत और मध्यस्थता से ही हर जटिल समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है.

चार सदस्यीय मंत्रियों की कमेटी संभालेगी मोर्चा
छात्रों के आक्रोश और उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सरकार ने एक उच्च-स्तरीय चार सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति का गठन किया है. इस विशेष समिति में अनुभवी और कद्दावर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव, चमरा लिंडा और सुदिव्य कुमार सोनू को शामिल किया गया है. यह कमेटी सीधे तौर पर आंदोलित छात्र-छात्राओं से बातचीत करेगी और उनकी समस्याओं की तह तक जाकर सरकार के सामने समाधान का खाका पेश करेगी. वित्त मंत्री ने छात्रों से अपील की है कि वे बिना किसी हिचकिचाहट के आगे आएं और इस कमेटी के साथ पारदर्शी चर्चा में हिस्सा लें, ताकि गतिरोध को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके.

राष्ट्रीय नेतृत्व की सीधी नजर, राहुल गांधी के निर्देशों का हो रहा पालन
मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने जानकारी दी कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी झारखंड के युवाओं के इस मुद्दे को लेकर बेहद गंभीर हैं. दिल्ली में हुए छात्रों के प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी की सक्रियता और कांग्रेस प्रभारी के. राजू के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन ने इस मामले को राष्ट्रीय पटल पर ला खड़ा किया है. वित्त मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व की मंशा बिल्कुल साफ है कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और पारदर्शी जांच में सरकार की तरफ से कोई रुकावट नहीं आएगी.

विपक्ष को दी दो टूक सलाह: सदन में रखें अपनी बात
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार ने मुख्य विपक्षी दलों पर भी जमकर निशाना साधा. राधाकृष्ण किशोर ने याद दिलाया कि जब वे खुद विपक्ष में थे, तब जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन में मुखरता से शामिल होते थे, लेकिन आज राज्य में उनकी अपनी सरकार है. लिहाजा उनकी प्राथमिकता प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान ढूंढना है. उन्होंने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि यदि उनके मन में कोई भी शंका या सवाल है, तो वे सड़क पर राजनीति करने के बजाय सदन के भीतर आएं और पूरी तार्किकता के साथ अपनी बात रखें. सरकार विपक्ष के हर एक सवाल का तथ्यों के साथ पुख्ता जवाब देने और हर शंका का समाधान करने के लिए पूरी तरह तैयार है. वित्त मंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और न्याय की प्रक्रिया में उनका पूर्ण विश्वास है. JPSC-JSSC जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सरकार किसी भी हद तक जाने को तैयार है.
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