Ranchi: JPSC-JSSC परीक्षा से जुड़े विवाद को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस विधायक प्रदीप यादव ने सरकार का पक्ष सामने रखा है. उन्होंने कहा कि सरकार आंदोलन को दबाने के पक्ष में नहीं है, बल्कि छात्रों की शिकायतों का समाधान बातचीत और जांच के जरिए निकालना चाहती है. प्रदीप यादव के मुताबिक, इसी उद्देश्य से सरकार ने चार मंत्रियों की कमेटी बनाई है, जो आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझेगी. उन्होंने कहा कि सरकार की कोशिश है कि बातचीत सीधे छात्रों से हो और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाए.
‘छात्रों की लड़ाई को राजनीतिक रंग देने की कोशिश’
प्रदीप यादव ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल छात्र आंदोलन को अपने राजनीतिक हित के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आंदोलन को लंबा खींचने के बजाय छात्रों और सरकार के बीच सीधी बातचीत होनी चाहिए, ताकि किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके. उन्होंने यह भी कहा कि पत्रकारों और वकीलों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है. सरकार उनके साथ भी बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन सबसे पहले आंदोलन कर रहे छात्रों की बात सीधे सुनना जरूरी है.

CID जांच को लेकर सरकार ने दिया भरोसा
JPSC-JSSC मामले की जांच पर प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बयान का हवाला देते हुए कहा कि CID को स्वतंत्र तरीके से जांच करने की छूट दी गई है. जांच में सरकार की ओर से किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी अगर जरूरत समझती है तो मामले से जुड़े किसी भी व्यक्ति या स्थान की जांच कर सकती है. यहां तक कि मुख्यमंत्री आवास की तलाशी की जरूरत पड़े तो उस पर भी रोक नहीं होगी. सरकार चाहती है कि जांच निष्पक्ष और गंभीर तरीके से आगे बढ़े तथा अगर किसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.

CBI जांच पर BJP से पूछा सवाल
छात्रों की ओर से उठाई जा रही CBI जांच की मांग पर प्रदीप यादव ने भाजपा पर भी हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा CBI जांच की मांग के जरिए मामले को राजनीतिक दिशा देना चाहती है. प्रदीप यादव ने कहा कि सरकार जांच के खिलाफ नहीं है. उसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि अगर परीक्षा या भर्ती प्रक्रिया में कहीं गड़बड़ी हुई है तो उसकी सच्चाई सामने आए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो.
सरकार के सामने दो रास्ते- बातचीत और निष्पक्ष जांच
प्रदीप यादव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल आंदोलन खत्म कराना नहीं है. सरकार चाहती है कि छात्रों की शिकायतों की जड़ तक पहुंचकर उसका स्थायी समाधान निकले. इसके लिए एक तरफ मंत्रियों की कमेटी छात्रों से संवाद करेगी, वहीं दूसरी तरफ CID जांच के जरिए पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की कोशिश की जा रही है.
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