palamu : संकट की घड़ी में समय पर किया गया रक्तदान किसी के लिए जीवनदान बन सकता है. इसका जीवंत उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब संत मरियम आवासीय विद्यालय के तीन कर्मचारियों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर एक गंभीर रूप से बीमार वृद्ध की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई. विद्यालय की कर्मचारी सुनीता कुमारी के पिता की अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. चिकित्सकों ने उनकी स्थिति गंभीर बताते हुए तत्काल तीन यूनिट रक्त की आवश्यकता जताई. परिवार रक्त की व्यवस्था को लेकर परेशान था. ऐसे में सुनीता कुमारी ने विद्यालय प्रबंधन से सहायता की अपील की.
संत मरियम विद्यालय के तीन कर्मियों ने रक्तदान कर बचाई वृद्ध की जान
सूचना मिलते ही विद्यालय प्रबंधन ने कर्मचारियों से रक्तदान का अनुरोध किया. अपील के कुछ ही समय बाद विद्यालय के वाहन प्रबंधक अविनाश सिंह, शिक्षक शुभम गुप्ता और किचन स्टाफ रोशन कुमार ने बिना किसी विलंब के रक्तदान के लिए आगे आकर तीन यूनिट रक्त उपलब्ध कराया. समय पर रक्त मिलने से चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया और वृद्ध की जान बचाई जा सकी.

विद्यालय के चेयरमैन अविनाश देव ने तीनों कर्मचारियों के मानवीय कार्य की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को अकादमिक रूप से सक्षम बनाना नहीं, बल्कि उनमें सेवा, संवेदना और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे मानवीय मूल्यों का विकास करना भी है. उन्होंने कहा कि संत मरियम आवासीय विद्यालय वर्षों से शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों को भी समान प्राथमिकता देता रहा है.

कर्मचारियों ने रक्तदान से बचाई जिंदगी
उन्होंने बताया कि इससे पहले भी विद्यालय के कई कर्मचारी जरूरतमंदों के लिए रक्तदान कर जीवन बचाने का कार्य कर चुके हैं. वहीं विद्यालय के छात्र भी समय-समय पर रेलवे स्टेशन, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर जरूरतमंदों के बीच फल और भोजन का वितरण कर सेवा की भावना को सशक्त करते रहे हैं. तीनों कर्मचारियों के इस निस्वार्थ सेवा भाव की विद्यालय परिवार ने सराहना की. साथ ही इन तीनों कर्मचारियों के अलावा भी रक्तदान करने के लिए एम.डी. जैद, सुहानी स्वर्णकार, निधि बाला व अन्य शिक्षकों ने भी स्वेच्छा से रक्तदान करने की इच्छा जताई थी.
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