Giridih: पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी मोबाइल एप के जरिए लोगों से ठगी करने वाले दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के तेलोडीह के समीप मनियामारी गांव जाने वाली सड़क किनारे छापेमारी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया गया.
विशेष छापेमारी दल ने की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रमेश्वर भगत के नेतृत्व में गठित विशेष छापेमारी दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे फर्जी सिम कार्ड का उपयोग कर अलग-अलग व्हाट्सएप नंबरों से “gas bill update.apk”, “gas 2 admin.apk” और “mngl gas bill update.apk” जैसी फर्जी APK फाइलें लोगों को भेजते थे.

गैस बिल अपडेट के नाम पर मोबाइल का लेते थे कंट्रोल
आरोपी गैस बिल अपडेट कराने का झांसा देकर लोगों से फर्जी APK फाइल डाउनलोड कराते थे. फाइल डाउनलोड होते ही मोबाइल का नियंत्रण अपने हाथ में लेकर बैंकिंग और अन्य डिजिटल माध्यमों से साइबर ठगी को अंजाम देते थे. इस मामले में साइबर थाना गिरिडीह कांड संख्या 24/2026, दिनांक 07 अगस्त 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

दोनों आरोपियों की हुई पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संतोष मंडल (23 वर्ष), पिता जीवलाल मंडल, निवासी चिकसोरिया, थाना अहिल्यापुर तथा छोटू कुमार मंडल (20 वर्ष), पिता रामदेव मंडल, निवासी बेहरवाटांड़, थाना बिरनी, जिला गिरिडीह के रूप में हुई है.
5 मोबाइल और 5 सिम कार्ड बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन और 5 सिम कार्ड बरामद किए हैं. सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है.

मुख्य आरोपी पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी संतोष मंडल का आपराधिक इतिहास रहा है. वह इससे पहले भी गिरिडीह साइबर थाना कांड संख्या 35/2019 और कांड संख्या 15/2025 में जेल जा चुका है.
लोगों से पुलिस की अपील
छापेमारी दल में साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रमेश्वर भगत के अलावा पुलिस पदाधिकारी गुंजन कुमार, पुनीत गौतम तथा सहायक अवर निरीक्षक गजेंद्र कुमार शामिल थे. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल डाउनलोड न करें. गैस बिल, बिजली बिल या अन्य सेवाओं के अपडेट के नाम पर आने वाले संदिग्ध लिंक और फाइलों से सावधान रहें. किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की सूचना तत्काल साइबर थाना या संबंधित पुलिस अधिकारियों को दें.

