Ranchi: झारखंड में इस मानसून मौसम में बादलों की आवाजाही तो खूब हो रही है, लेकिन बरसने के मामले में वे कंजूसी दिखा रहे हैं. राज्य में मानसून के सीजन एक जून से आठ अगस्त के दौरान बादलों की लुकाछिपी ने किसानों और आम जनमानस की चिंता बढ़ा दी है. इस अवधि में पूरे झारखंड में सामान्य से 21 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. झारखंड में औसत रूप से 465.4 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षापात 590.8 मिलीमीटर होना चाहिए था.

इन जिलों की है गंभीर स्थिति
झारखंड के कई जिलों में वर्षापात की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है, जहां आंकड़े आधे से भी कम दर्ज किए गए हैं. चतरा में 55 फीसदी, गढ़वा में 57 फीसदी, पाकुड़ में 52 फीसदी, देवघर में 46 फीसदी, गिरिडीह में 41 फीसदी, कोडरमा में 43 फीसदी और पलामू में 40 फीसदी बारिश कम हुई है.

यह भी पढ़ें: रांची में JPSC-JSSC परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ ABVP ने निकाला सीएम आवास मार्च, पुलिस ने रोका

सामान्य से बेहतर स्थिति वाले जिले
• पश्चिमी सिंहभूम: यह एकमात्र ऐसा जिला है जहां 21 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है. यहां 584.6 मिलीमीटर के मुकाबले 705.6 मिलीमीटर वास्तविक वर्षा हुई है.
• रांची: सामान्य 610.8 मिलीमीटर के मुकाबले 562.2 मिलीमीटर, 8 फीसदी कम वर्षा हुई है.
• साहिबगंज: सामान्य 664.8 मिलीमीटर के मुकाबले 610.9 मिलीमीटर, 8 फीसदी कम वर्षा दर्ज की गई है.
• सरायकेला-खरसावां: सामान्य 595.4 मिलीमीटर के मुकाबले 583.6 मिलीमीटर, 2 फीसदी कम वर्षा हुई है.
• सिमडेगा: सामान्य 767 मिलीमीटर के मुकाबले 725.7 मिलीमीटर, 5 फीसदी कम वर्षा दर्ज हुई है.
इन जिलों में स्थिति बहुत ज्यादा खराब नहीं
• धनबाद: 16% कमी
• दुमका: 17% कमी
• पूर्वी सिंहभूम: 12% कमी
• गोड्डा: 22% कमी
• गुमला: 29% कमी
• हजारीबाग: 34% कमी
• जामताड़ा: 23% कमी
• खूंटी: 13% कमी
• लातेहार: 29% कमी
• लोहरदगा: 29% कमी
• बोकारो: 34% कमी
• रामगढ़: 28% कमी

