Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में हुई कथित धांधली के विरोध में राजधानी रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम आंदोलन का मुख्य केंद्र बन गया है. अपनी मांगों को लेकर अड़े हजारों छात्र स्टेडियम में डटे हुए हैं. आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, वे पीछे नहीं हटेंगे. छात्र इसे अपने हक की लड़ाई बताते हुए अंतिम दम तक संघर्ष करने की बात कह रहे हैं.

गीतों से गूंजा स्टेडियम, आंदोलन को मिली नई ऊर्जा
शनिवार को आंदोलन के दौरान स्टेडियम का माहौल उस समय बेहद भावुक और जोश से भर गया, जब छात्रों ने एकजुट होकर गांव छोड़ब नहीं, जंगल छोड़ब नहीं, माई-माटी छोड़ब नहीं, लड़ाई छोड़ब नहीं जैसे पारंपरिक और संघर्षी गीत गाए. इन गीतों ने वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों में नई ऊर्जा भर दी. छात्रों की आवाज में अपनी माटी और अपने अधिकारों के प्रति गहरा जुड़ाव और अटूट संकल्प साफ दिखाई दिया.

परीक्षा प्रणाली की निष्पक्ष जांच की मांग
मैदान में मौजूद छात्र नेताओं का आरोप है कि विभिन्न सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और धांधली हुई है. उनका कहना है कि वर्षों से मेहनत कर रहे योग्य अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया से बाहर किया जा रहा है. आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि पूरी परीक्षा प्रणाली की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और पारदर्शी तरीके से दोबारा परीक्षाएं आयोजित की जाएं.

सरकार और छात्रों के बीच गतिरोध कायम
आंदोलन के बीच अब तक सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच कोई सार्थक समाधान नहीं निकल पाया है. प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्टेडियम और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात किया है, लेकिन छात्र किसी भी मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं. उनका कहना है कि अब तक हुई बातचीत का कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है, इसलिए आंदोलन जारी रहेगा.
दूर-दराज से पहुंचे छात्रों का अंतिम सांस तक संघर्ष का एलान
राज्य के विभिन्न जिलों और ग्रामीण इलाकों से आए युवाओं का कहना है कि वे अपने अधिकारों के लिए अंतिम सांस तक लड़ेंगे. बड़ी संख्या में जुटे छात्रों के कारण प्रशासन की चिंता बढ़ गई है. फिलहाल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का जमावड़ा और आक्रोश दोनों चरम पर हैं और आंदोलन लगातार तेज होता दिखाई दे रहा है.
ALSO READ: झारखंड में अब भी 21 फीसदी बारिश की कमी, सिर्फ पश्चिमी सिंहभूम में झमाझम

