Newswave Desk: अमेरिका की सीनेट ने रूस से पेट्रोलियम पदार्थ खरीदने वाले देशों पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाले एक बिल को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी है. बिल के पक्ष में 86 वोट पड़े, जबकि 11 सांसदों ने इसका विरोध किया.

रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ का प्रावधान
इस प्रस्ताव के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन देशों के सामान पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल सकता है, जो रूस से बड़ी मात्रा में तेल और गैस खरीदते हैं. ऐसे देशों में भारत और चीन भी शामिल बताए गए हैं.

यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका का तर्क
अमेरिका में इस बिल के समर्थन में तर्क दिया गया है कि रूस से ऊर्जा उत्पादों की खरीद से उसे आर्थिक लाभ मिलता है और इससे यूक्रेन युद्ध को जारी रखने में मदद मिलती है. इसी आधार पर रूस और उसके प्रमुख ऊर्जा खरीदारों पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.

भारत-चीन पर पड़ सकता है असर
यदि यह प्रस्ताव कानून का रूप लेता है, तो भारत और चीन जैसे देशों के साथ अमेरिका के व्यापारिक संबंधों पर इसका असर पड़ सकता है. खास तौर पर रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर भारत पर अमेरिकी दबाव बढ़ने की संभावना है.
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अब आगे क्या होगा?
सीनेट से मंजूरी मिलने के बाद बिल की आगे की विधायी प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी. अंतिम रूप से लागू होने पर यह रूस के साथ कारोबार करने वाले देशों के लिए अमेरिकी बाजार में भारी टैरिफ का खतरा पैदा कर सकता है.

