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रांची: सरकार की राह देखते-देखते थके ग्रामीण, श्रमदान कर बनाई चलने लायक सड़क

Ranchi: कांके प्रखंड अंतर्गत कोकदोरो-मदनपुर गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को जर्जर सड़क पर जलजमाव से परेशान होकर सड़क पर धान रोपकर...

Ranchi News
श्रमदान कर सड़क मरम्मत करते ग्रामीण

Ranchi: कांके प्रखंड अंतर्गत कोकदोरो-मदनपुर गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को जर्जर सड़क पर जलजमाव से परेशान होकर सड़क पर धान रोपकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया था, जिसके बाद रांची जिला महानगर युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष हाजी नेयाज अंसारी ने उक्त सड़क की मरम्मत करने का बीड़ा उठाया. युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष ने अपने निजी खर्चे से सड़क को चलने लायक बनाया. सड़क पर मिट्टी-मोरम आदि डालकर उसकी मरम्मती करवाई. सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों को भरकर उसे आने-जाने लायक बनाया जा रहा है.

सड़क की मरम्मती नहीं होने से लोगों का चलना दूभर  

बता दें बारिश होने पर सड़क की स्थिति काफी खराब हो जाती है. इस क्षेत्र के दर्जनों गांव के ग्रामीण इसी सड़क से होकर प्रतिदिन प्रखंड व जिला मुख्यालय, बाजार के लिए अवागमन करते हैं, लेकिन वर्षों से सड़क की मरम्मती नहीं होने से लोगों का सड़क पर चलना दूभर हो गया है. ग्रामीणों का कहना है कि कई बार श्रमदान के माध्यम से सड़क को चलने लायक बनाया गया. ग्रामीणों ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास का पैमाना सड़क को माना जाता है. राज्य से लेकर केंद्र सरकार आधारभूत संरचना सड़क निर्माण के लिए प्रति वर्ष अरबों रुपये खर्च कर रही है.

वहीं कई विभागों में विकास की राशि खर्च नहीं होने के कारण राशि सरेंडर हो जाती है. लेकिन आज भी कई ऐसे गांव है, जिसमें छोटी-छोटी सड़कें लोगों की परेशानी का सबब बनी है. इन्हीं सड़कों में एक है प्रखंड के कोकदोरो से बुकरु 4 किमी और मदनपुर से केला बगान (रांची पतरातु मुख्य मार्ग) तक करीब 2 किमी की सड़क, जो वर्षों से प्रशासनिक पदाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार है. सड़क निर्माण के लिए ग्रामीण कई बार संबंधित विभाग से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि को भी अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है.

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