Click Here
Click Here
Click Here
Click Here
Click Here

हजारीबाग: पढ़ाई छोड़ साइकिल ढोने पहुंचे स्कूली बच्चे, व्यवस्था पर उठे सवाल

Hazaribagh : सरकारी योजना के तहत विद्यार्थियों को मिलने वाली साइकिल अब पढ़ाई के बजाय बच्चों के लिए ढुलाई का जरिया बनती...

पढ़ाई छोड़ साइकिल ढोने

Hazaribagh : सरकारी योजना के तहत विद्यार्थियों को मिलने वाली साइकिल अब पढ़ाई के बजाय बच्चों के लिए ढुलाई का जरिया बनती नजर आई. सदर प्रखंड के उत्क्रमित हाई स्कूल जगदीशपुर के करीब आठ विद्यार्थियों को स्कूल समय में पढ़ाई छोड़कर दीपुगढ़ा स्थित कल्याण विभाग के साइकिल गोदाम पहुंचने का मामला सामने आया है. यहां बच्चों ने पिकअप वाहन पर साइकिल लोड की. बच्चों की तस्वीर सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं.

स्कूल जाने की बजाय गोदाम पहुंचे बच्चे

जानकारी के अनुसार, विद्यालय के विद्यार्थी शिक्षक के साथ साइकिल लेने के लिए गोदाम पहुंचे थे. गोदाम पहुंचने के बाद बच्चों को स्वयं पिकअप वाहन पर साइकिल लादते हुए देखा गया. इस दौरान बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई. जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताबें और कॉपियां होनी चाहिए थीं, वे साइकिल उठाते नजर आए. मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली साइकिलों को विद्यालय तक पहुंचाने की व्यवस्था निर्धारित है. बच्चों से इस प्रकार का काम कराया जाना उचित नहीं है. अधिकारियों ने मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है.

शिक्षक के साथ बच्चे पहुंचे थे गोदाम

साइकिल आपूर्तिकर्ता राहुल कुमार ने बताया कि साइकिल विद्यालय तक पहुंचाने की व्यवस्था है. उन्होंने कहा कि शिक्षक स्वयं वाहन लेकर गोदाम पहुंचे थे, जिसके बाद उन्हें साइकिलें दी गईं. वहीं, विद्यालय के सहायक शिक्षक अवधेश पोद्दार का कहना है कि विभाग की ओर से विद्यालय तक साइकिल पहुंचाने की व्यवस्था नहीं होने की बात कही गई थी. इसी वजह से बच्चों के साथ पिकअप वाहन लेकर गोदाम जाना पड़ा.

जांच के बाद मांगा जाएगा स्पष्टीकरण

सदर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी. संबंधित लोगों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. सरकारी योजनाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुविधा उपलब्ध कराना और उनकी पढ़ाई को सुगम बनाना है. ऐसे में स्कूल समय में बच्चों को साइकिल लाने और उसे वाहन पर लोड करने के लिए गोदाम भेजे जाने का मामला कई सवाल खड़े करता है. अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि बच्चों को गोदाम ले जाने की परिस्थिति क्यों बनी और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है.

Also Read : विश्व आदिवासी दिवस पर झारखंड में 9-10 अगस्त को हर जिले में लगेगा ब्लड डोनेशन कैंप

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *