Newswave Desk: पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. महंगे ईंधन के खिलाफ देश के अलग-अलग शहरों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर उनके रोजमर्रा के खर्च और परिवार के बजट पर पड़ रहा है.

सड़कों पर उतरे लोग, सरकार के खिलाफ नाराजगी
ईंधन की कीमतों को लेकर लोगों में सरकार के खिलाफ भी नाराजगी बढ़ रही है. कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया और सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए. प्रदर्शन के दौरान लोगों ने महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत देने की मांग की.

IMF की शर्तों को लेकर भी गुस्सा
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति लंबे समय से दबाव में है और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ उसके आर्थिक कार्यक्रम को लेकर भी बहस जारी है. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि IMF की शर्तों और सरकार की नीतियों का बोझ आम जनता पर पड़ रहा है. इसी गुस्से के बीच ‘IMF और तुम दोनों भाड़ में जाओ’ जैसे नारे भी सुनने को मिल रहे हैं.

महंगाई ने बढ़ाई आम लोगों की परेशानी
पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता. ईंधन की कीमत बढ़ने से परिवहन, खाद्य पदार्थों और रोजमर्रा की कई चीजों की लागत भी बढ़ सकती है. ऐसे में पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए बढ़ती ईंधन कीमतें एक और बड़ी चुनौती बन गई हैं.
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सरकार के सामने बढ़ी चुनौती
पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर बढ़ता जन आक्रोश पाकिस्तान सरकार के लिए चुनौती बनता जा रहा है. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि सरकार महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर क्या कदम उठाती है और जनता को राहत देने के लिए कौन-से फैसले किए जाते हैं.

