Sahebganj: जिले के एसपी अमित कुमार सिंह शनिवार को जनता दरबार में एक किशोरी के संघर्ष और जीवटता की कहानी सुनकर उसे कॉपी-किताब और घरेलू सामान दिलवाए. एसपी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल बच्ची की पढ़ाई और जीवन-यापन के लिए जरूरी सामान उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. एसपी के आदेश पर शनिवार को ही लड़की को कॉपी-किताब, स्टडी टेबल, फोल्डिंग कॉट और अन्य घरेलू सामान उपलब्ध करा दिया गया. साथ ही झोपड़ी में बिजली का कनेक्शन भी जुड़वा दिया गया है, जबकि एक-दो दिनों के भीतर सोलर लाइट भी लगा दी जाएगी. दरअसल, एसपी अमित कुमार सिंह प्रतिदिन दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक अपने कार्यालय में आम लोगों की शिकायतें सुनते हैं. इसी क्रम में शनिवार को हबीबपुर निवासी मनोज श्रीवास्तव की पत्नी रूबी सिन्हा अपनी बेटी के साथ एसपी कार्यालय पहुंचीं. इससे पूर्व महिला ने डीसी के समक्ष भी अपनी गुहार लगाई थी. पीड़ित महिला ने बताया कि उसके पति ने उन्हें छोड़ दिया है. पति वर्तमान में गोड्डा में एक स्कूल का संचालन करते हैं और वहीं रहते हैं.

झोपड़ी में गुजर-बसर और ईंट-पटरे का टेबल
रूबी सिन्हा केंद्रीय विद्यालय के सामने विवाह भवन के समीप एक कच्ची झोपड़ी में अपनी बेटी के साथ रहती हैं. उनके घर में बिजली तक का कनेक्शन नहीं था. बातचीत के दौरान लड़की ने बताया कि उसने इसी वर्ष साहिबगंज कॉलेज में इंटर में नामांकन लिया है. आर्थिक तंगी के कारण किताबें खरीदने के पैसे नहीं थे, इसलिए वह मोबाइल के जरिए ऑनलाइन पढ़ाई करती है. घर में बिजली न होने के कारण मोबाइल चार्ज करने में काफी कठिनाई होती थी. जीविका चलाने के लिए किशोरी कुछ छोटे बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती है, जिससे मां-बेटी का खर्च निकलता है. ट्यूशन पढ़ाने के दौरान ही वह अपने मोबाइल को चार्ज कर लिया करती थी. एसपी द्वारा विस्तार से पूछताछ करने पर लड़की ने बताया कि उसने पढ़ाई के लिए ईंटों पर लकड़ी का पटरा रखकर स्टडी टेबल बनाया था और जमीन पर सोती थी.

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एसपी की त्वरित पहल: 3 साल की पढ़ाई का जिम्मा और तुरंत राहत
किशोरी की लगन और संघर्ष को देखकर एसपी अमित कुमार सिंह ने अपने कार्यालय कर्मियों को तुरंत राहत सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. उन्होंने किशोरी को अगले तीन वर्षों की पढ़ाई के लिए आवश्यक सभी किताबें और कॉपियां, एक स्टडी टेबल, कुर्सी, सोने के लिए फोल्डिंग बेड तथा दैनिक उपयोग के सामान तत्काल खरीदकर सौंपे. इसके साथ ही, एसपी के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए झोपड़ी में बिजली का नया कनेक्शन चालू करा दिया गया, ताकि किशोरी की पढ़ाई बाधित न हो. सोलर लाइट लगाने का काम भी एक-दो दिनों में पूरा कर लिया जाएगा. एसपी ने किशोरी और उसकी मां को आश्वस्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी यदि उन्हें किसी तरह की समस्या या सहायता की आवश्यकता हो, तो वे निसंकोच उनसे दोबारा संपर्क कर सकती हैं.

