Ranchi: रांची में आयोजित डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट में भाग लेने पहुंची भारतीय वायु सेना की 30 सदस्यीय फुटबॉल टीम का शनिवार को एयर फोर्स एसोसिएशन झारखंड ब्रांच की ओर से सम्मान किया गया. सम्मान समारोह सहजानंद चौक स्थित एसोसिएशन कार्यालय में आयोजित हुआ.

पहली बार झारखंड में हो रहा डूरंड कप
गौरतलब है कि भारत के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप का आयोजन पहली बार झारखंड में किया जा रहा है. रांची में चल रहे इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारतीय वायु सेना की टीम भी हिस्सा ले रही है. टीम का नेतृत्व कोच मास्टर वारंट ऑफिसर प्रियदर्शन कर रहे हैं, जबकि प्रशिक्षक सार्जेंट जिजो और कप्तान सार्जेंट दिनेश हैं.

पूर्व वायुसैनिकों की मौजूदगी में हुआ स्वागत
समारोह में बड़ी संख्या में पूर्व वायुसैनिक भी उपस्थित रहे. एयर फोर्स एसोसिएशन के सचिव वेटरन वारंट ऑफिसर नरेंद्र नाथ मुखोपाध्याय ने टीम का स्वागत किया. इसके बाद एसोसिएशन के अध्यक्ष वेटरन एयर कमोडोर असित कुमार अधिकारी ने झारखंड का प्रतीक चिह्न भगवान बिरसा मुंडा की आकृति भेंट कर टीम का सामूहिक सम्मान किया.


सेवा निवृत्ति के बाद भी जुड़ाव का संदेश
असित कुमार अधिकारी ने एसोसिएशन की गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि सेवा निवृत्ति के बाद भी वायुसैनिक एक सूत्र में बंधकर समाज में कल्याणकारी कार्य करते हुए एयर फोर्स का नाम ऊंचा रखते हैं. उन्होंने युवा सैनिकों से भविष्य में भी संगठन से जुड़े रहने का आह्वान किया.
28 खिलाड़ियों में 17 वायु अग्निवीर
टीम के कोच मास्टर वारंट ऑफिसर प्रियदर्शन ने खिलाड़ियों का परिचय कराया. उन्होंने बताया कि टीम के 28 खिलाड़ियों में से 17 वायु अग्निवीर हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना में अग्निवीर के रूप में शामिल होकर युवा कम समय में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता हासिल कर रहे हैं.
खिलाड़ियों को स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित
समारोह में प्रत्येक खिलाड़ी और अधिकारी को अलग-अलग स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में वेटरन एयर वाइस मार्शल यश कुमार, ग्रुप कैप्टन घोष, ग्रुप कैप्टन बा, विंग कमांडर कुमार, सार्जेंट अनिरुद्ध सिंह, सार्जेंट ए.एम. पाठक, सार्जेंट के.एन. प्रसाद, जेडब्ल्यूओ कुमार, सार्जेंट साइमन पीटर और सार्जेंट आशुतोष मिश्रा सहित कई पूर्व वायुसैनिक मौजूद रहे. कार्यक्रम का संचालन जेडब्ल्यूओ राजू उपाध्याय ने किया.

