Ranchi: झारखंड में जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) और जेएसएससी (झारखंड कर्मचारी चयन आयोग) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. आंदोलन के 15वें दिन शनिवार को राजधानी रांची का ऐतिहासिक जयपाल सिंह स्टेडियम दिनभर आंदोलनकारी छात्रों के महाजुटान और नारों से गूंजता रहा. छात्रों के इस उग्र और एकजुट रुख के कारण राज्य सरकार पर दबाव साफ तौर पर देखा जा सकता है.

4 घंटे चला मंथन, बेनतीजा रही बैठकों की दौर
गतिरोध को दूर करने और आंदोलन को शांत करने के लिए शनिवार को सरकार की ओर से बातचीत की पहल की गई. सरकार की पांच सदस्यीय टीम ने अलग-अलग चरणों में छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत की. सबसे पहले देवेंद्र नाथ महतो की अगुवाई वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ लगभग दो घंटे तक गहन चर्चा हुई. इसके बाद नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया, ऑल चेतना सोसाइटी और झारखंड छात्र मोर्चा के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठकों का दौर चला. मुख्यमंत्री के साथ करीब चार घंटे तक चले लंबे मंथन के बावजूद कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी और शनिवार की वार्ता बेनतीजा समाप्त हो गई.

14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर अड़े छात्र
छात्र नेताओं ने सरकार के सामने अपना रुख पूरी तरह सख्त रखा है. प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने सहित उनकी तमाम प्रमुख मांगों को जब तक पूरी तरह स्वीकार नहीं कर लिया जाता, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा. स्टेडियम में डटे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अब किसी भी तरह के खोखले आश्वासन पर पीछे हटने वाले नहीं हैं.

रविवार दोपहर 12 बजे फिर होगी अगले दौर की वार्ता
शनिवार की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद, मंत्रियों के चार सदस्यीय समूह ने छात्र प्रतिनिधियों को एक बार फिर से वार्ता की टेबल पर आने का निमंत्रण दिया है. तय कार्यक्रम के अनुसार, अब रविवार को दोपहर 12 बजे दोनों पक्षों के बीच अगले दौर की वार्ता आयोजित की जाएगी. जहां एक तरफ सरकार इस विवाद का शांतिपूर्ण हल निकालने की कोशिश में है, वहीं छात्र अपनी मांगों पर पूरी तरह डटे हुए हैं.
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