Ranchi: मोरहाबादी मैदान में आज आदिवासी महोत्सव का भव्य उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया. महोत्सव में झारखंड के साथ देश के अलग-अलग राज्यों से आए आदिवासी समुदायों ने अपनी कला, संस्कृति, परंपरा और जीवनशैली की झलक पेश की. इस दौरान पूरा परिसर आदिवासी संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया. महोत्सव के मंच से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने JPSC-JSSC को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों को बड़ा भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि राज्य के कुछ युवा अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं. सरकार उनकी चिंता को समझ रही है और उनकी बात सुनी जा रही है.
“आपका अधिकार आपको मिलेगा, न्याय की जिम्मेदारी हमारी”
मुख्यमंत्री ने आंदोलन कर रहे छात्रों से सीधे कहा कि “आपका अधिकार आपको मिलेगा, आपको न्याय मिलेगा और इसकी जिम्मेदारी हमारी है.” उन्होंने कहा कि युवाओं की जिन मांगों को लेकर आंदोलन चल रहा है, उन्हें पूरा करने के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी.उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि परीक्षा में अगर किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है और कोई दोषी पाया जाता है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा. दोषी चाहे कोई भी हो, उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का काम सरकार करेगी.
“छात्रों को कोई भटकाए, मैं ऐसा नहीं होने दूंगा”
हेमंत सोरेन ने कहा कि अलग-अलग राजनीतिक दल युवाओं को अपने तरीके से गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं. बड़े-बड़े विद्वान भी छात्रों को बहकाने में लगे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं ऐसा नहीं होने दूंगा.”उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्र झारखंड का भविष्य हैं. सरकार उनके भविष्य और उनकी चिंता को लेकर गंभीर है. छात्रों के हित में सरकार हर जरूरी कदम उठाएगी.
जंतर-मंतर की घटना का जिक्र, बोले- यह झारखंड है
मुख्यमंत्री ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित कार्रवाई का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि “यह झारखंड है, यहां के छात्रों के साथ ऐसा कभी नहीं होगा.” उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र को चुनौती देने के लिए कुछ लोग पूरी ताकत लगा रहे हैं. लेकिन झारखंड वीरों की भूमि है. यहां संघर्ष करने वाले वीर पैदा होते हैं और यहां के युवा किसी के बहकावे में आकर रास्ते से नहीं भटकेंगे.
“लाठी-डंडे की नहीं, संवाद की जरूरत”
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान संवाद से निकाला जा सकता है. इसके लिए लाठी-डंडे की जरूरत नहीं है. सरकार छात्रों की बात सुनेगी और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास करेगी. उन्होंने आंदोलन कर रहे युवाओं से कहा कि “आपकी परेशानी हमारी परेशानी है. पारदर्शिता के साथ आपको न्याय मिलेगा और आप सब इसे देखेंगे.”
आदिवासी महोत्सव में दिखी देशभर की संस्कृति
मुख्यमंत्री ने आदिवासी महोत्सव को लेकर कहा कि आज पूरी दुनिया में लोग अपने-अपने तरीके से आदिवासी दिवस और आदिवासी संस्कृति का उत्सव मना रहे हैं. मोरहाबादी में आयोजित महोत्सव में भी अलग-अलग समुदायों की कला और संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है.उन्होंने कहा कि झारखंड ही नहीं, बल्कि कई राज्यों से आदिवासी समाज के लोग यहां पहुंचे हैं और अपनी कला, संस्कृति और परंपराओं को प्रदर्शित कर रहे हैं.
“हमें गर्व है कि हम आदिवासी हैं”
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी वीरों के वंशज हैं और हमें इस बात पर गर्व है कि हम आदिवासी हैं. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की पहचान उसकी संस्कृति, संघर्ष और परंपराओं से है और इसे आगे बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है.
