Lohradaga: झारखंड आदिवासी महोत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ. इसका आयोजन दो दिनों तक होगा. झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति और जीवन-दर्शन को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के उद्देश्य से आयोजित इस महोत्सव का उद्घाटन झारखंड कैडर की आईआरएस अधिकारी निशा उरांव एवं विधायक पुत्र, समाजसेवी व कांग्रेसी नेता रोहित प्रियदर्शी ने संयुक्त रूप से किया. उद्घाटन समारोह में पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, वाद्ययंत्रों की मधुर धुन और आदिवासी कला-संस्कृति की जीवंत झलक ने सभी का मन मोह लिया. दो दिवसीय यह महोत्सव 10 अगस्त तक चलेगा. इस वर्ष महोत्सव की थीम “गौरवशाली आदिवासी संस्कृति, प्रकृति एवं जीवन-दर्शन की झलकियां” रखी गई है. आयोजन का मुख्य उद्देश्य झारखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों की आदिवासी संस्कृति, लोक परंपराओं, कला, हस्तशिल्प और जीवनशैली को एक साझा मंच प्रदान करना है.
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अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी : निशा उरांव
आईआरएस अधिकारी निशा उरांव ने कहा कि यह महोत्सव केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की समृद्ध विरासत, प्रकृति के प्रति सम्मान और जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है. उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है. वहीं समाजसेवी एवं कांग्रेसी नेता रोहित प्रियदर्शी ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी आदिवासी संस्कृति, जल-जंगल-जमीन और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली है. ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ती है और देश-दुनिया को झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जानने का अवसर मिलता है. उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, भाषा और परंपराओं का संरक्षण समय की आवश्यकता है.
