Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और राज्य कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में सामने आई अनियमितता और धांधली के मामले ने राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल तेज कर दी है. सोमवार (10 अगस्त) का पूरा दिन राजधानी रांची में भारी गहमागहमी के बीच बीता. एक तरफ जहां परीक्षाओं में हुई धांधली के विरोध में छात्रों का विधानसभा घेराव किया वहीं दूसरी तरफ अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने मामले में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के पूर्व मुख्य सचिव और JPSC के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया. JPSC परीक्षा गड़बड़ी मामले की जांच कर रही CID की टीम ने मामले के तार उच्च स्तर से जुड़ते ही पूर्व मुख्य सचिव व पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. खियांग्ते के ठिकानों पर रेड के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया. इससे पहले CID इस मामले में संलिप्त 19 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.खियांग्ते की गिरफ्तारी के साथ ही इस पूरे विवाद में गिरफ्तार होने वाले लोगों की कुल संख्या 20 हो गई है. जाने JPSC परीक्षा विवाद में कब क्या हुआ.

घटनाक्रम: 21 जुलाई से 10 अगस्त तक का पूरा ब्योरा:
– 21 जुलाई: भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद CID ने JPSC ऑफिस में छापेमारी की. उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता समेत आठ लोगों को हिरासत में लिया गया. इसके तुरंत बाद JPSC चेयरमैन एल. खियांग्ते ने पद से इस्तीफा दे दिया
– 23 जुलाई: JPSC परीक्षा विवाद मामले में पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते के घर पर CID ने छापामारी किया था.
– 23 जुलाई: बीजेपी कार्यालय घेरने पहुंची कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसके कारण दो घंटे तक भारी हंगामा हुआ.
– 28 जुलाई: पूर्व अध्यक्ष एल. खियांगते से पूछताछ शुरू हुई थी.
– 24 जुलाई: JPSC और जेएसएससी की नियुक्ति में जारी अनियमितता के खिलाफ छात्रों ने बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू किया.
– 28 जुलाई: मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से जारी आंदोलन को स्थानांतरित कर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम शिफ्ट किया गया.
– 29 जुलाई: JPSC और जेएसएससी अभ्यर्थी न्याय मंच के बैनर तले अभ्यर्थियों ने ‘संविधान यात्रा’ निकाली.
– 30 जुलाई: भर्ती परीक्षा अनियमितता के खिलाफ विभिन्न छात्र संगठनों ने संयुक्त रूप से जोरदार प्रदर्शन किया.
– 31 जुलाई: अभ्यर्थी न्याय मंच के सदस्यों ने मामले में न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला.
– 01 अगस्त: भर्ती परीक्षा में हुई धांधली के विरोध में अभ्यर्थियों ने अपने आंदोलन को और तेज कर दिया
– 02 अगस्त: छात्रों ने हाथों में मशाल और तख्तियां लेकर पैदल मार्च निकाला.
– 03 अगस्त: JPSC और जेएसएससी में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ अभ्यर्थियों ने ‘फ्लैश लाइट मार्च’ निकालकर विरोध दर्ज कराया.
– 04 अगस्त: छात्रों ने पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शांतिपूर्ण मार्च निकाला.
– 05 अगस्त: बढ़ते विरोध को देखते हुए राज्य सरकार ने वार्ता के लिए 4 मंत्रियों की एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया तथा मुख्यमंत्री ने छात्रों को बातचीत का न्योता दिया.
– 06 अगस्त: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने वीडियो कॉल के जरिए छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से बातचीत कर उनसे जल ग्रहण करने की अपील की.
– 07 अगस्त: विधानसभा मार्च के दौरान आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंकी गई. इसी दिन छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सरकार द्वारा गठित चार मंत्रियों की कमेटी के साथ औपचारिक वार्ता की.
– 08 अगस्त: स्टेट गेस्ट हाउस में देवेंद्रनाथ महतो गुट और सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता.
– 09 अगस्त: छात्रों के आंदोलन और लगातार उनके साथ हुई बातचीत के बाद हेमंत सरकार ने उनकी मांगों को मानते हुए 14वीं JPSC सिविल सेवा पीटी परीक्षा रद्द करने का निर्णय लिया है.
– 10 अगस्त: हजारों की संख्या में आए छात्रों के द्वारा विधानसभा का घेराव.
– 10 अगस्त: JPSC की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य CID के समक्ष उपस्थित हुई है.
– 10 अगस्त: CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मुख्य सचिव पूर्व JPSC के अध्यक्ष एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया.

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