Lohardaga: जेपीएससी परीक्षा विवाद को लेकर लोहरदगा लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत ने भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है. उन्होंने कहा कि विवाद से जुड़ी 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं. जेपीएससी पीटी रद्द कर दी गई है और आयोग के अध्यक्ष समेत तीन सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है. ऐसे में अब गतिरोध की कोई स्थिति नहीं रह गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी राजनीतिक रूप से अपनी जगह बनाने के लिए इस मुद्दे को हवा देने का प्रयास कर रही है.
98 प्रतिशत मांगें माने जाने का दावा
सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि पिछले दिनों हुई घटनाओं के बाद अभ्यर्थियों की अधिकांश मांगें स्वीकार कर ली गई हैं. उन्होंने कहा कि 98 प्रतिशत मांगें मान ली गई हैं और जेपीएससी पीटी को रद्द कर दिया गया है. आयोग के अध्यक्ष समेत तीन सदस्यों के इस्तीफे को उन्होंने विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
मनी ट्रांजैक्शन की ईडी से जांच की मांग
जेपीएससी प्रकरण में कथित मनी ट्रांजैक्शन को लेकर भी सांसद ने जांच की मांग उठाई. उन्होंने कहा कि यदि मामले में आर्थिक लेन-देन से जुड़े आरोप सामने आए हैं तो इसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी से कराई जानी चाहिए. इससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी और दोषियों की जवाबदेही तय हो सकेगी.
भाजपा पर साधा निशाना
भाजपा पर निशाना साधते हुए सुखदेव भगत ने कहा कि अब गतिरोध कहीं नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे में राजनीतिक स्पेस तलाश रही है, लेकिन उसे वह स्पेस नहीं मिल रहा है. इसलिए इस तरह की बातें कही जा रही हैं. सांसद के इस बयान को जेपीएससी विवाद को लेकर भाजपा की भूमिका पर सीधे राजनीतिक प्रहार के तौर पर देखा जा रहा है.
सीआईडी की जांच की सराहना
सांसद ने जेपीएससी मामले की जांच कर रही सीआईडी की कार्यशैली की भी खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा कि सीआईडी ने कम समय में जिस तरह मामले की जांच में तेजी दिखाई है, वह प्रशंसनीय है. उन्होंने कहा कि सीआईडी अच्छा काम कर रही है और इतने कम समय में जिस तरह से जांच आगे बढ़ाई गई है, उसके लिए जांच एजेंसी प्रशंसा की पात्र है. सुखदेव भगत ने कहा कि अब जरूरत इस बात की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आगे बढ़े. आर्थिक लेन-देन से जुड़े आरोपों की भी जांच हो और जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
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