Ranchi/ Delhi: टेंडर घोटाला के जरिए करोड़ों रुपए की मनी लाउंड्रिंग करने के आरोपी पूर्व मंत्री आलमगीर आलम के ओएसडी संजीव लाल के सहयोगी जहांगीर आलम की जमानत याचिका पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. मंगलवार की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने जहांगीर आलम कप को बड़ी राहत देते हुए उसकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है. जमानत याचिका स्वीकार होने के बाद अब जहांगीर आलम करीब दो वर्ष के बाद जेल की सलाखों से बाहर आ जाएगा.
करोड़ो रुपये बरामदीगी में हुई थी गिरफ्तारी
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एम एम सुंदरेश्वर और जस्टिस प्रसन्ना बी वारले की बेंच में जहांगीर आलम की याचिका पर सुनवाई हुई. पिछली सरकार में मंत्री रहे आलमगीर आलम को ईडी ने वर्ष 2024 में 15 मई को गिरफ्तार किया था. आरोपों के मुताबिक उनके आप्त सचिव संजीव कुमार लाल एवं उनके नौकर जहांगीर आलम के यहां से मिले 32.30 करोड़ रुपये नकद बरामदी हुई थी. पैसे बरामद होने के बाद आलमगीर आलम, संजीव लाल और जहांगीर आलम को गिरफ्तार किया गया था.
ALSO READ : चाईबासा: 10 लाख के इनामी समेत भाकपा (माओवादी) के 4 नक्सलियों ने पुलिस-CRPF के समक्ष किया आत्मसमर्पण
