palamu : हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला कैंट स्थित केंद्रीय विद्यालय के वार्षिकोत्सव का शुभारंभ मंगलवार को पौधरोपण और पर्यावरण संरक्षण के विशेष संदेश के साथ हुआ. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्व व्यापी पर्यावरण संरक्षण अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष और वन राखी मूवमेंट के जनक डॉ. कौशल किशोर जायसवाल रहे. उन्होंने कन्या पूजन, पर्यावरण धर्म की सामूहिक प्रार्थना और विद्यालय परिसर में पौधरोपण कर समारोह की औपचारिक शुरुआत की.
वन राखी मूवमेंट के 50 वर्ष पूरे होने पर वृक्षों को बांधा रक्षासूत्र
वन राखी मूवमेंट की स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य में विद्यालय परिसर में मौजूद वृक्षों को रक्षासूत्र बांधकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया. डॉ. कौशल ने छात्र-छात्राओं को पर्यावरण धर्म के आठ मूल मंत्रों को अपनी दैनिक जीवनशैली में शामिल करने की शपथ दिलाई. उन्होंने जानकारी दी कि आंदोलन के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर देश-विदेश में स्वर्ण जयंती वर्ष मनाया जा रहा है, और इसी कड़ी में धर्मशाला में भी पर्यावरण चेतना का यह संदेश प्रसारित किया गया है.
प्रदूषण रूपी वैश्विक शत्रु से निपटने के लिए पौधे ही सबसे बड़े हथियार
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. कौशल ने कहा कि जिस तरह देश की आजादी के लिए वीर शहीदों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी, ठीक उसी तरह आज पूरी दुनिया को प्रदूषण रूपी नए शत्रु के खिलाफ एकजुट होकर जंग लड़नी होगी. इस युद्ध में विजय पाने के लिए बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पर्यावरण धर्म को अंगीकार करना होगा. उन्होंने पौधों की तुलना मिसाइलों से करते हुए कहा कि धरती के सुरक्षा कवच को मजबूत बनाने के लिए हर व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए.
विद्यालय परिवार ने पर्यावरण संरक्षण की पहल को सराहा
केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य सुनील चौहान ने डॉ. कौशल किशोर जायसवाल के निरंतर पर्यावरण संरक्षण प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की और कहा कि उनका मार्गदर्शन विद्यालय परिवार के लिए गौरव का विषय है. कार्यक्रम के दौरान पंचकूला और कुल्लू केंद्रीय विद्यालयों से आए अतिथियों व शिक्षकों ने भी डॉ. कौशल को अपने-अपने संस्थानों में आमंत्रित किया. इस अवसर पर रक्षा जारियाल, प्रज्ञा प्रागुण, सूरज जायसवाल, सचिन शर्मा, साहिल शर्मा सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे.
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