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हंगामे की भेंट चढ़ गया झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र: जनता के सरोकार दरकिनार, पांच दिन की जगह सिर्फ चार दिन में सिमटा सत्र, बिना विपक्ष के भी हुई सदन की कार्यवाही

Ranchi: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र आखिरकार हंगामे की भेंट चढ़ गया. निर्धारित पांच कार्यदिवस वाले इस सत्र को भारी हंगामे और...

The monsoon session of the Jharkhand Assembly fell victim to uproar: public concerns ignored, the session was reduced to just four days instead of five, and the House proceeded without the opposition.

Ranchi: झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र आखिरकार हंगामे की भेंट चढ़ गया. निर्धारित पांच कार्यदिवस वाले इस सत्र को भारी हंगामे और गतिरोध के चलते एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए समाप्त करना पड़ा. जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में अनियमित्ताओं के मुद्दे पर विपक्ष का आक्रामक तेवर सदन में लगातार जारी रहा, जिसके चलते लोकतंत्र के इस मंदिर में जनता की आवाज पूरी तरह से दबकर रह गई.

बिना विपक्ष के सदन में पास हुआ अनुपूरक बजट

सोमवार को जब विपक्षी दलों के बिना सदन की कार्यवाही बिना विपक्ष की मौजूदगी के चलाई गई. इसी दौरान सरकार ने बिना किसी चर्चा के सदन में अनुपूरक बजट को पास करा लिया. सत्ता पक्ष ने विपक्ष के इस रवैये पर तीखी प्रतिक्रिया दी. संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि विपक्ष को राज्य के छात्र-हितों और किसानों की समस्याओं से कोई लेना-दिन नहीं है. उन्हें केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेकनी हैं.

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स्पीकर का छलका दर्द, भारी मन से सत्र समाप्त

सत्र के अंतिम दिन सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करते समय विधानसभा अध्यक्ष की गहरी निराशा साफ तौर पर झलकी. उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए बेहद भावुक शब्दों में कहा कि भारी मन और काफी दुख के साथ इस सत्र को अनिश्चितकाल के लिए समाप्त किया जाता है. अध्यक्ष की यह टिप्पणी इस बात का प्रमाण थी कि सदन में किस स्तर का गतिरोध और संवादहीनता देखने को मिली.

जनता के सवाल धरे के धरे

शुरुआत से लेकर समापन तक हंगामे में उलझा यह मानसून सत्र झारखंड की जनता के लिए पूरी तरह से निराशाजनक साबित हुआ. बेरोजगारी, कृषि संकट, और विकास योजनाओं जैसे जनहित के तमाम अहम सवाल सदन के पटल पर धरे के धरे रह गए और जनता के प्रतिनिधि अपने ही मुद्दों पर उलझकर सदन की गरिमा को तार-तार करते नजर आए.

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