Giridih: ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का विस्तार, आजीविका के साधनों को मजबूत करने और ग्रामीण विकास योजनाओं को प्रभावी गति देने के उद्देश्य से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G) अधिनियम को लेकर मंगलवार को गिरिडीह समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त रामनिवास यादव ने की. प्रशिक्षण में जिले के पदाधिकारियों, तकनीकी कर्मियों और जनप्रतिनिधियों को अधिनियम के प्रावधानों एवं इसके प्रभावी क्रियान्वयन की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई.

कार्यक्रम में VB-G RAM G अधिनियम के उद्देश्यों, प्रमुख प्रावधानों, योजनाओं के चयन, कार्यों के क्रियान्वयन, तकनीकी प्रक्रिया, निगरानी, अभिलेख संधारण और जवाबदेही से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई. अधिकारियों को बताया गया कि योजनाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र लाभुकों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना इस पूरी व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य है.
जमीनी स्तर पर दिखे योजनाओं का असर : उपायुक्त
उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि VB-G RAM G ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका के अवसरों को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण अधोसंरचना और विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने अधिकारियों को अधिनियम के सभी प्रावधानों एवं दिशा-निर्देशों का गंभीरता से अध्ययन कर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल कागजी प्रक्रिया पूरी करने से नहीं, बल्कि उनके वास्तविक लाभ के जमीनी स्तर पर दिखाई देने से होगी. इसके लिए प्रखंड, पंचायत एवं ग्राम स्तर पर स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजनाओं की सही तरीके से योजना बनाई जाए और निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा कराया जाए.उपायुक्त ने कार्यों के चयन एवं क्रियान्वयन में निर्धारित प्रक्रिया का पूर्ण अनुपालन करने, नियमित अनुश्रवण, अभिलेखों के उचित संधारण तथा अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया. उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जांच करने और किसी प्रकार की कमी सामने आने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया.
सभी स्तरों पर समन्वय जरूरी : डीडीसी
उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने कहा कि VB-G RAM G अधिनियम के सफल क्रियान्वयन के लिए पदाधिकारियों, तकनीकी कर्मियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है. पंचायत एवं ग्राम स्तर पर ग्रामीणों की जरूरतों का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर कार्यों का चयन किया जाना चाहिए.उन्होंने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए. उन्होंने बीपीओ, एई, जेई एवं अन्य संबंधित कर्मियों को अपने दायित्वों का गंभीरतापूर्वक निर्वहन करने तथा प्रखंड स्तर पर नियमित समीक्षा एवं अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. डीडीसी ने कहा कि प्रशिक्षण में मिली जानकारी केवल अधिकारियों के बीच चर्चा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसका प्रभाव पंचायत और गांव के स्तर पर दिखाई देना चाहिए. योजनाओं का सही चयन और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन ही ग्रामीणों को इसका वास्तविक लाभ पहुंचा सकता है.
अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों ने लिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान परियोजना पदाधिकारी ने VB-G RAM G अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों एवं कार्यान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी. रोजगार एवं आजीविका से संबंधित कार्यों के चयन, तकनीकी प्रक्रिया, निगरानी व्यवस्था, दस्तावेजों के संधारण और जवाबदेही से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया. कार्यक्रम में सहायक समाहर्ता यश कुमार, परियोजना पदाधिकारी, सभी प्रमुख, बीपीओ, एई, जेई, मुखिया सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे. जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़े. प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट किया कि VB-G RAM G अधिनियम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आजीविका को मजबूत करने के साथ विकास कार्यों को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख बनाना है.
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