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कोई पात्र मां न रहे योजना से वंचित, PMMVY को लेकर कोडरमा में सेविकाओं को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

Koderma: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) को जिले में प्रभावी तरीके से लागू करने को लेकर सेविकाओं के लिए प्रशिक्षण सह कार्यशाला...

Koderma:  प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) को जिले में प्रभावी तरीके से लागू करने को लेकर सेविकाओं के लिए प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया. जिला समाज कल्याण विभाग, कोडरमा ने IPE Global के सहयोग से कोडरमा, जयनगर और डोमचांच बाल विकास परियोजनाओं में यह प्रशिक्षण आयोजित किया. प्रशिक्षण के दौरान सेविकाओं को योजना के तहत पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का अधिक से अधिक पंजीकरण कराने और ऑनलाइन आवेदन में आने वाली समस्याओं को दूर करने की प्रक्रिया समझाई गई.

PMMVY एप से आवेदन की दी गई जानकारी

कार्यशाला में सेविकाओं को PMMVY ऐप और ब्राउजर के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया. इसके अलावा लंबित आवेदनों का निष्पादन, प्री-रजिस्ट्रेशन, ड्यू लिस्ट और फेस ऑथेंटिकेशन समेत योजना से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई. प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह रहा कि सेविकाएं लाभार्थियों के आवेदन को सही तरीके से पूरा कर सकें और किसी तकनीकी या प्रक्रियागत समस्या के कारण पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न हो.

PMMVY पत्रिका का हुआ अनावरण

इस अवसर पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कनक कुमारी तिर्की ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से संबंधित पत्रिका का अनावरण किया. कार्यक्रम के दौरान बाल विकास परियोजना पदाधिकारी डॉ. रेखा रानी ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना है. इसके माध्यम से पात्र गर्भवती और धात्री माताओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे वे गर्भावस्था और प्रसव के बाद अपने स्वास्थ्य एवं पोषण पर बेहतर ध्यान दे सकें. उन्होंने सेविकाओं से अपील की कि वे पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ काम करें.

कोई पात्र महिला योजना से न रहे वंचित

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कनक कुमारी तिर्की ने कहा कि PMMVY आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण योजना है. उन्होंने सेविकाओं को निर्देश दिया कि लाभार्थियों का पंजीकरण करते समय पूरी सावधानी बरती जाए. उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास होना चाहिए कि कोई भी पात्र गर्भवती या धात्री महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे. आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की कमी होने पर उसे समय रहते दूर करने पर भी उन्होंने जोर दिया.

सेविकाओं को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के दौरान महिला पर्यवेक्षिका पूनम कुमारी, मयूरेश कुमार, पप्पू कुमार यादव और ऋषभ कुमार ने सेविकाओं को योजना से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी दी. डोमचांच परियोजना में महिला पर्यवेक्षिका अनुश्री और सचिन कुमार तथा जयनगर परियोजना में अनिता कुमारी और अनिल कुमार ने सेविकाओं को ऑनलाइन आवेदन और योजना की प्रक्रियाओं से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया.

शत-प्रतिशत पंजीकरण पर फोकस

प्रशिक्षण सह कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य PMMVY के तहत पात्र लाभार्थियों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करना, लंबित आवेदनों का जल्द निष्पादन करना और योजना का लाभ जरूरतमंद गर्भवती एवं धात्री माताओं तक प्रभावी तरीके से पहुंचाना रहा.
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