Chaibasa : बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के कारण पश्चिमी सिंहभूम के जिला मुख्यालय चाईबासा में सोमवार से जारी मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है. अनवरत वर्षा से शहर के निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है.

जलजमाव से थम गए शहर के पहिए
बारिश के कारण शहर के गांधीटोला और गुरुद्वारा रोड जैसे निचले इलाकों की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है. गांधीटोला में सोमवार शाम से ही घुटने भर जलजमाव है, और दर्जनों घरों के कमरों व आंगनों में पानी घुस गया है. वहीं ऊपर टुंगरी में नाली का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ गई है.
4 लोग मलबे में दबे, बाल-बाल बची जान
बारिश का पानी पेयजल और स्वच्छता विभाग के परिसर, जुबली पार्क, कोल्हान DIG आवास के मुख्य गेट और जिला मत्स्य कार्यालय तक पहुंच गया है. जुबली तालाब का जलस्तर बढ़ने से ओवरफ्लो की स्थिति पैदा हो गई है, जबकि महुलसाई का प्रसिद्ध शिवलिंग भी जलमग्न हो चुका है. सड़कों पर खड़ी दर्जनों मोटरसाइकिलें और कारें पानी में डूब गई हैं. अमला टोला में ढहा कच्चा मकान, बड़ा हादसा टला. JMP चौक के पास अमला टोला में भारी बारिश की वजह से मिट्टी का एक जर्जर मकान अचानक ढह गया. हादसे के वक्त घर में मौजूद एक ही परिवार के 4 सदस्य मलबे में दब गए. स्थानीय लोगों की तत्परता से त्वरित राहत कार्य चलाकर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया.
प्रशासनिक मुस्तैदी और राहत कार्य
घटना की सूचना मिलते ही मंगलवार सुबह SDO संजय कुमार, अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार, नगर परिषद उपाध्यक्ष विकास कुमार शर्मा और नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी संतोषी मुर्मू अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे. बेघर हुए पीड़ित परिवार को पास की धर्मशाला में स्थानांतरित कर उनके भोजन और पानी की व्यवस्था की गई है. इस दौरान समाजसेवी त्रिशानू राय भी प्रशासनिक टीम के साथ सहयोग में जुटे रहे.
अगले 24 घंटे अलर्ट रहने की अपील
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों तक भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया है. स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी बनाए हुए है. अधिकारियों ने निचले इलाकों और जर्जर मकानों में रहने वाले नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है.

