Ranchi: JPSC और JSSC-CGL परीक्षा से जुड़े आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज प्राथमिकी का मामला अब राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है. मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल CO सह सदर मजिस्ट्रेट शिव शंकर पांडेय से मिला. करीब एक घंटे चली बैठक में आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं और दर्ज मामलों को लेकर चर्चा की गई. बैठक के बाद बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट करने वालों पर कार्रवाई नहीं हुई, जबकि आंदोलन में शामिल छात्र-युवाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि घटना के दौरान छात्रों के साथ कथित तौर पर मारपीट करने वाले लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए. मरांडी ने कहा कि घटनाक्रम से संबंधित कई वीडियो सोशल मीडिया पर मौजूद हैं, जिनके आधार पर पूरे मामले की जांच की जा सकती है.

प्रशासन से दोनों पक्षों पर कार्रवाई की मांग
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने मजिस्ट्रेट के सामने संबंधित प्राथमिकी की प्रति भी रखी. बाबूलाल मरांडी के मुताबिक, एक मामले में नामजद व्यक्ति के घटनास्थल पर मौजूद रहने और वहां हुई गतिविधियों को स्वीकार करने का भी उल्लेख है. उन्होंने कहा कि इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए.
कार्रवाई नहीं हुई तो धरने की चेतावनी
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कानून की नजर में सभी बराबर हैं. किसी एक पक्ष पर कार्रवाई और दूसरे पक्ष को छोड़ देना उचित नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है और मांग की कि अधिकारी किसी राजनीतिक या अन्य दबाव में आए बिना कानून के अनुसार काम करें. मरांडी ने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के साथ कथित मारपीट करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई नहीं की गई, तो भाजपा प्रतिनिधिमंडल मजिस्ट्रेट कार्यालय के सामने धरना देगा. उन्होंने कहा कि छात्रों के मामले में न्यायपूर्ण और समान कार्रवाई होने तक भाजपा इस मुद्दे को उठाती रहेगी.

