Hazaribagh: किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से झारखंड सरकार के पशुपालन विभाग की ओर से कई लाभकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं. जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अरुण प्रताप सिंह ने जिले के किसानों एवं पशुपालकों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है.

बकरी से लेकर मुर्गी और बत्तख पालन तक योजनाएं
पशुपालन विभाग की ओर से बकरी पालन, भेड़ पालन, सूकर पालन, लेयर मुर्गी पालन, ब्रायलर पालन, बत्तख पालन तथा जोड़ा बैल वितरण योजना संचालित की जा रही है. इन योजनाओं के तहत पात्र लाभुकों को योजना के अनुसार 75 से 90 प्रतिशत तक सरकारी अनुदान दिए जाने का प्रावधान है. विभाग का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के किसानों और पशुपालकों को पशुधन आधारित स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आमदनी में वृद्धि करना है.
पशु चिकित्सालय से मिलेगा आवेदन फॉर्म
योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान और पशुपालक अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय अथवा जिला पशुपालन कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं. आवेदन के लिए संबंधित योजना के अनुरूप ग्राम सभा से आवेदक के नाम का अनुमोदन अथवा प्रस्ताव पारित होना आवश्यक है. भरे हुए आवेदन पत्र के साथ ग्राम सभा के प्रस्ताव की प्रति और आधार कार्ड की छायाप्रति संलग्न करनी होगी. पूर्ण आवेदन संबंधित पशु चिकित्सालय में जमा करना होगा, जिसके बाद विभागीय स्तर से आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
PPR और FMD का निःशुल्क टीकाकरण
पशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए पशुपालन विभाग की ओर से लगातार टीकाकरण अभियान भी चलाया जा रहा है.
वर्तमान में पीपीआर (PPR) तथा एफएमडी
(FMD-खुरपका-मुंहपका) का टीकाकरण कार्य प्रगति पर है. विभाग ने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं, ताकि उन्हें संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके. जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अरुण प्रताप सिंह ने किसानों और पशुपालकों से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के साथ-साथ अपने पशुओं का समय पर टीकाकरण कराने की अपील की है.
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