Click Here
Click Here
Click Here

ब्यूरोक्रेसी में केला प्रेम: सत्ताधारी दल ने खोला मोर्चा, क्या नपेंगे अंजनी पुत्र के धाम वाले जिला के साहब?

Ranchi: झारखंड की प्रशासनिक मशीनरी में इन दिनों ‘तालमेल’ को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. मामला राजधानी रांची के...

AI Photo

Ranchi: झारखंड की प्रशासनिक मशीनरी में इन दिनों ‘तालमेल’ को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. मामला राजधानी रांची के सीमावर्ती जिले का है, जहां प्रोन्नति से साहब बने एक जिलाधिकारी की कार्यशैली ने सत्ताधारी गठबंधन के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं.

कार्यशैली पर उठे सवाल

चर्चा है कि प्रोन्नति पाकर जिले की कमान संभालने वाले इन साहब का झुकाव सत्ता दल के नेता कार्यकर्ता के बजाय विपक्ष की केला छाप वाली पार्टी यानी आजसू की ओर अधिक हो गया है. खबरों की मानें तो हनुमान जी की जन्मस्थली के रूप में विख्यात जिले के ये उपायुक्त इन दिनों सत्ताधारी दल के नेताओं की तुलना में आजसू कार्यकर्ताओं और नेताओं को अधिक तरजीह दे रहे हैं. प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट है कि जिले के विकास कार्यों से लेकर पैरवियों तक में आजसू से जुड़े लोगों का बोलबाला बढ़ गया है. सत्ताधारी दल के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे खुद को अपने ही शासन में उपेक्षित महसूस कर रहे हैं. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि साहब न तो उनकी सुनते हैं और न ही क्षेत्र की समस्याओं पर उचित संज्ञान लेते हैं, जबकि आजसू नेताओं के लिए उनके दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं.

ALSO READ: ऐलान: शुभेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नये मुख्यमंत्री, भाजपा विधायक दल की बैठक में फैसला

राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल

इस ‘मेल-जोल’ ने राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है. गठबंधन के नेताओं ने अब दबी जुबान में नहीं, बल्कि खुले तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर करनी शुरू कर दी है. सूत्रों के अनुसार, जिले के इस बदले हुए माहौल की रिपोर्ट आलाकमान तक पहुंच चुकी है. सत्ताधारी दल के जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने इसकी शिकायत जगह-जगह यानी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और रणनीतिकारों से की है.

add1
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *