RANCHI: झारखंड सरकार के शहीदों के आश्रित बच्चों के भविष्य को संवारने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. डीजीपी द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार, शहीदों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य स्तर पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई है. यह बैठक 27 अप्रैल को आयोजित होगी.
शहीद हुए जवानों के आश्रित बच्चों का पूरा डेटा बेस होगा तैयार
डीआईजी बजट ने राज्य के सभी एसएसपी, एसपी झारखंड पुलिस अकादमी के निदेशक और विभिन्न इकाइयों (जैसे झारखंड जगुआर, स्पेशल ब्रांच, जैप आदि) के कमांडेंट को पत्र भेजकर विस्तृत जानकारी मांगी है. विभाग ने वर्ष 2000 से लेकर अब तक शहीद हुए जवानों के आश्रित बच्चों का पूरा डेटा बेस तैयार करने का निर्देश दिया है.मुख्यालय ने एक निर्धारित प्रोफार्मा जारी किया है, जिसमें शहीद जवान का नाम और जिला, आश्रित बच्चों के नाम और उनकी वर्तमान आयु, बच्चे किस शिक्षण संस्थान में पढ़ रहे हैं और उनकी कक्षा का विवरण, शहीद के बच्चों की शिक्षा पर प्रतिवर्ष होने वाले शिक्षण शुल्क का पूरा ब्यौरा मांगा गया है.
आज शाम तक की समय सीमा
इस मामले की गंभीरता और मोस्ट अर्जेंट टैग को देखते हुए, सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे वांछित विवरण 25 अप्रैल की शाम पांच बजे तक अनिवार्य रूप से पुलिस मुख्यालय को ईमेल के माध्यम से उपलब्ध करा दें.
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