RANCHI: रांची नगर निगम एक तरफ टैक्स कलेक्शन में नए रिकॉर्ड बना रहा है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कई सवाल खड़े कर रही है.शहर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए खरीदी गई महंगी एंटी स्मॉग गाड़ियां (Anti-smog vehicles) अब खुद धूल फांकती नजर आ रही हैं.
2.4 करोड़ की मशीनें, फिर भी प्रदूषण पर नहीं लगाम
निगम के पास कुल 4 एंटी स्मॉग गन वाहन हैं, जिनमें से हर एक की कीमत वर्ष 2022 में करीब 60 लाख रुपये रही है। इस तरह इन मशीनों पर करीब 2.4 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इन वाहनों में 9000 लीटर पानी की क्षमता है और ये करीब 35 मीटर तक छिड़काव कर सकते हैं.इसके साथ ही इनमें डस्ट एब्जॉर्ब करने और प्रदूषण नियंत्रित करने की क्षमता भी है.वाहनों में स्प्रिंकलर सिस्टम (Sprinkler System)भी लगाया गया है, जिससे सड़कों पर धूल को नियंत्रित किया जा सके.
निगम का दावा बनाम ग्राउंड रियलिटी का सच
निगम का दावा है कि ये सभी मशीनें डेली रोस्टर के अनुसार शहर में संचालित हो रही हैं.लेकिन हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है.ये महंगी गाड़ियां बकरी बाजार स्थित यार्ड में खड़ी-खड़ी धूल खा रही हैं, और शहर में इनकी मौजूदगी शायद ही कभी दिखती है.
जनता का पैसा, लेकिन उपयोग पर उठे बड़े सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नगर निगम जनता से भारी भरकम टैक्स वसूल रहा है और टैक्स कलेक्शन में रिकॉर्ड बना रहा है, तो फिर सुविधाओं के नाम पर यह लापरवाही क्यों? क्या करोड़ों रुपये की ये मशीनें सिर्फ दिखावे के लिए खरीदी गई थीं?
स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण को लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाला नगर निगम, जमीनी स्तर पर इन दावों को पूरा करता नजर नहीं आ रहा। यही वजह है कि स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन के सपने भी हकीकत से कोसों दूर दिखाई दे रहे हैं.अगर समय रहते इन संसाधनों का सही उपयोग नहीं किया गया,तो जनता के पैसे से खरीदी गई ये मशीनें सिर्फ ‘शोपीस’ बनकर रह जाएंगी और शहर की साफ-सफाई व प्रदूषण नियंत्रण की स्थिति जस की तस बनी रहेगी.
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