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जैक बोर्ड परीक्षा 2026 में ऐतिहासिक सफलता पर भव्य सम्मान समारोह आयोजित, माध्यमिक एवं इंटर में उत्कृष्ट प्रदर्शन से गुमला ने राज्य में लहराया परचम

Gumla: झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) द्वारा आयोजित वार्षिक माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में गुमला जिले के विद्यार्थियों द्वारा राज्य स्तर पर...

Gumla: झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) द्वारा आयोजित वार्षिक माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में गुमला जिले के विद्यार्थियों द्वारा राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किए जाने के उपलक्ष्य में सोमवार, 11 मई 2026 को नगर भवन, गुमला में भव्य सम्मान समारोह का सफल आयोजन किया गया. इस वर्ष गुमला जिले ने जैक बोर्ड परीक्षाओं में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए माध्यमिक स्तर पर राज्य में प्रथम स्थान, इंटर कला संकाय में प्रथम स्थान, विज्ञान संकाय में द्वितीय स्थान तथा वाणिज्य संकाय में तृतीय स्थान प्राप्त कर पूरे राज्य में अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता का परचम लहराया.

नगर भवन में आयोजित हुआ भव्य सम्मान समारोह 

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उपायुक्त गुमला  दिलेश्वर महत्तो सहित जिले के सभी वरीय प्रशासनिक एवं शिक्षा पदाधिकारी उपस्थित रहे. समारोह के दौरान माध्यमिक परीक्षा में राज्य स्तरीय सेकेंड टॉपर रहे विद्यार्थियों, जिला स्तर पर टॉप-10 स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों एवं 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले कुल 310 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया. वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा में जिला अंतर्गत टॉप-10 स्थान प्राप्त करने वाले कुल 40 विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया, जिनमें कला संकाय के 16 विद्यार्थी, वाणिज्य संकाय के 11 विद्यार्थी तथा विज्ञान संकाय के 13 विद्यार्थी शामिल रहे.

उत्कृष्ट विद्यालयों और मेधावी छात्राओं को भी मिला सम्मान 

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों के मैट्रिक परीक्षा में टॉप-3 स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों की मेधावी छात्राओं तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय के विशेष प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया. इन विद्यालयों में एकल अभिभावक, अनाथ, अनुसूचित जनजाति, आदिम जनजाति, अभिवंचित वर्ग एवं सामाजिक रूप से वंचित बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है.

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350 से अधिक विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित

समारोह में शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने वाले 100 से अधिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, बोर्ड परीक्षा विजय अभियान में योगदान देने वाले लगभग 70 शिक्षकों, जिला एवं प्रखंड स्तरीय मॉनिटरिंग टीम, शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों तथा विभिन्न स्तरों पर कार्यरत कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. उपायुक्त  दिलेश्वर महत्तो ने अपने संबोधन में कहा कि गुमला जैसे अति दुर्गम क्षेत्र के विद्यार्थियों द्वारा राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करना अत्यंत गर्व की बात है और यह उपलब्धि एक दिन की नहीं बल्कि वर्षों के सतत प्रयास, सुनियोजित रणनीति और टीम वर्क का परिणाम है. उन्होंने बताया कि पूर्व उपायुक्तों के नेतृत्व में “शिक्षा कर भेंट अभियान” एवं “बोर्ड परीक्षा विजयी अभियान” के तहत  प्रारंभिक स्तर पर मंथन कर रणनीति तैयार की गई थी , जिसके अंतर्गत अनुभवी शिक्षकों एवं अधिकारियों की कोर टीम का गठन कर निरंतर मॉनिटरिंग, विद्यालयों का निरीक्षण, मॉक टेस्ट, रेमेडियल कक्षाएं तथा संचालित किया गया.

उपायुक्त बोले- वर्षों की मेहनत का परिणाम है सफलता

उन्होंने आगे कहा कि इस सफलता में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं प्रशासन सभी की समान भूमिका रही है और अब सबसे बड़ी चुनौती इस उपलब्धि को निरंतर बनाए रखना है. उन्होंने विद्यार्थियों को समर्पण, दृढ़ संकल्प और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हुए कहा कि यही तीन गुण जीवन में सफलता सुनिश्चित करते हैं. अपर समाहर्ता गुमला शशिंद्र कुमार बड़ाइक ने अपने संबोधन में कहा कि इस आयोजन के वास्तविक नायक छात्र-छात्राएं हैं, जिनकी मेहनत के कारण आज पूरा जिला गौरवान्वित हो रहा है. उन्होंने कहा कि सम्मान प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, किंतु उसे बनाए रखना उससे भी बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने विद्यार्थियों को समय का महत्व समझते हुए निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया तथा कहा कि हर बच्चा प्रतिभाशाली होता है, आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन की होती है.

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अधिकारियों ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित

सिविल सर्जन गुमला शंभूनाथ चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों के मार्गदर्शन के बिना कोई भी सफलता संभव नहीं है और निरंतर परिश्रम तथा अनुशासन ही वास्तविक सफलता की पहचान है. उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया तथा स्वास्थ्य जागरूकता के तहत सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु वैक्सीनेशन की जानकारी भी दी. डीसीएलआर गुमला राजीव कुमार ने कहा कि पिछले वर्ष के अनुभवों से सीख लेकर बेहतर रणनीति बनाई गई, जिसका परिणाम इस वर्ष सामने है. उन्होंने कहा कि हर बच्चा प्रतिभावान होता है, अंतर केवल सोच और पढ़ाई के तरीके में होता है तथा सही लक्ष्य निर्धारण और दिशा मिलने पर कोई भी छात्र सफलता प्राप्त कर सकता है.

शिक्षा विभाग की रणनीति बनी सफलता की कुंजी

एसडीओ सदर राजीव नीरज ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि जिस प्रकार उन्होंने वर्तमान में सफलता प्राप्त की है, उसी प्रकार भविष्य में भी लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास जारी रखें. एसडीओ चैनपुर पूर्णिमा कुमारी ने कहा कि यह उपलब्धि सभी की सामूहिक मेहनत और सटीक रणनीति का परिणाम है और आगे भी इसी प्रकार प्रयास जारी रखे जाएंगे. जिला शिक्षा पदाधिकारी  कविता खालको ने कहा कि गुमला जिले की यह सफलता किसी संयोग का परिणाम नहीं है, बल्कि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के निरंतर प्रयासों का प्रतिफल है. उन्होंने बताया कि नियमित मॉक टेस्ट, रेमेडियल कक्षाएं, ऑनलाइन मॉनिटरिंग, प्रश्नपत्र निर्माण तथा कोर कमिटी द्वारा दैनिक अभ्यास जैसे प्रयासों से यह सफलता संभव हो सकी है. उन्होंने कहा कि यह सफलता सामूहिक प्रयास से ही प्राप्त हुई है.

शिक्षा के क्षेत्र में गुमला बना प्रेरणास्रोत

कार्यक्रम में उपायुक्त गुमला, अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन गुमला,  डीसीएलआर, एसडीओ सदर, एसडीओ चैनपुर, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला परिवहन पदाधिकारी , जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सहित शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. यह सम्मान समारोह गुमला जिले की सामूहिक प्रतिबद्धता, रणनीतिक योजना और शिक्षा के प्रति समर्पण का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है, जिसने यह सिद्ध कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति और समन्वित प्रयासों से उत्कृष्टता हासिल की जा सकती है.

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