Ranchi : झारखंड की बदलती तस्वीर और सुगम यातायात के सपनों को धरातल पर उतारने के लिए सड़क निर्माण विभाग (राज्य राजमार्ग विंग) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. मई 2026 की ताजा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार अरबों रुपये की स्टेट प्लान और नॉन-प्लान योजनाओं पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है. सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर हिस्से को सुदृढ़, सुरक्षित और तेज कनेक्टिविटी प्रदान करना है.
चाईबासा रोड सर्किल : कोल्हान के औद्योगिक और जनजातीय क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति
खनिज संपदा और भारी उद्योगों के लिए प्रसिद्ध कोल्हान प्रमंडल के चाईबासा रोड सर्किल में भारी वाहनों के दबाव को झेलने और सुदूरवर्ती क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भारी पूंजी निवेश किया गया है. इस सर्किल के लिए स्वीकृत कुल राशि का 65% हिस्सा धरातल पर पूरी तरह खर्च किया जा चुका है. जबकि शेष 35% निर्माण कार्य अंतिम चरण में है.

जमशेदपुर प्रमंडल : औद्योगिक राजधानी में शानदार कनेक्टिविटी
जमशेदपुर प्रमंडल में कुल 299.48 किलोमीटर लंबी स्टेट प्लान सड़क योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है. जिसकी कुल लागत 71,215.83 लाख रुपये है. इसमें से 48,673.66 लाख रुपये के एकरारनामे हो चुके हैं और अब तक 32,104.68 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं.
• कीताडीह-बागबेड़ा रिंग रोड : 14.61 किमी लंबे इस रिंग रोड और इसके संपर्क मार्गों के चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण के लिए 9,994.26 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं. इसे अप्रैल 2027 तक पूरा किया जाएगा.
• सोनारी मरीन ड्राइव व कदमा क्षेत्र : यहां 9.91 किमी लंबी सड़क के राइडिंग क्वालिटी सुधारने का काम 1,069.19 लाख रुपये की लागत से मैसर्स चंदेल कंस्ट्रक्शन द्वारा जारी है.
• पिपला मोड़ से गोविंदपुर अन्ना चौक : इस महत्वपूर्ण 11.71 किमी मार्ग का काम ‘मैसर्स के.के. बिल्डर्स’ द्वारा रिकॉर्ड 95% भौतिक प्रगति तक पहुंचा दिया गया है.
• महानगर का चार-लेन पुल : सोनारी-मैंगो रोड पर सुवर्णरेखा नदी के ऊपर एलिवेटेड एप्रोच के साथ 46,100.03 लाख रुपये की लागत से पुल का निर्माण किया जा रहा है. इसका भौतिक कार्य 64% पूरा हो चुका है और जुलाई 2026 तक यह तोहफा जनता को मिल जाएगा.
चाईबासा प्रमंडल : शत-प्रतिशत काम पूरा कर रचा इतिहास
इस प्रमंडल के तहत 313.2 किमी लंबी स्टेट प्लान सड़कों के लिए कुल स्वीकृत राशि 48,320.9 लाख रुपये थी. जिसमें से 36,642.9 लाख रुपये की वित्तीय प्रगति हो चुकी है.
• रिकॉर्ड तोड़ सफलता : चाईबासा-कोकचो भारभरिया रोड (33.33 किमी), चाईबासा-सैतवा रोड (22.50 किमी), झिंकपानी-जोरपोखर-टोंटो चौक रोड (21.48 किमी) और हाटगामहरिया से बेनीसागर रोड (44.49 किमी) का कायाकल्प 100% भौतिक प्रगति के साथ पूरा हो चुका है.
• पुल निर्माण : सिंहपोखरिया से जैतगढ़ मार्ग के स्थानीय नाले पर हाई लेवल आरसीसी ब्रिज का निर्माण ‘रेयासत नवाज खान’ द्वारा कराया जा रहा है, जिसमें 23% भौतिक प्रगति दर्ज की गई है.
मनोहरपुर प्रमंडल : दुर्गम और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों का कायाकल्प
मनोहरपुर प्रमंडल में उग्रवाद प्रभावित और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने पर विशेष जोर है. यहां 127.67 किमी की योजनाओं के लिए 34,931.71 लाख रुपये स्वीकृत हैं.
• गोइलकेरा-ऑरंगा-सेरेंगदा मार्ग : इस 30 किमी लंबे बेहद महत्वपूर्ण मार्ग का सुदृढ़ीकरण 12,000.63 लाख रुपये की लागत से विजय कुमार साहू इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा किया जा रहा है, जो 77% पूरा हो चुका है.
• तेबो-कोटागरा-जंते रोड : 27.15 किमी लंबे इस रास्ते के पुनर्निर्माण के लिए ‘मैसर्स लीडिंग कंस्ट्रक्शन’ के साथ 4,614.59 लाख रुपये का समझौता हुआ है.
• नॉन-प्लान में शानदार प्रदर्शन : इस मद के तहत बांझिकुसुम-तोकलो रोड और प्रसिद्ध हिरनी फॉल रोड के सतह नवीनीकरण के कार्य को बखूबी अंजाम दिया गया है.
सरायकेला-खरसावां प्रमंडल : शहरी और औद्योगिक गलियारों को मजबूती
इस प्रमंडल में 213.75 किमी की योजनाओं के लिए 57,935.68 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है.
• हादीभांगा-दुदंग-महतबेरा कलाझोर रोड : कांडरा-चौका मार्ग से संपर्क जोड़ने वाली 18.90 किमी सड़क और पुल निर्माण का कार्य ‘मैसर्स लीडिंग कंस्ट्रक्शन’ द्वारा 71% पूरा कर लिया गया है.
• कांडेरबेड़ा से दोमुहानी फोरलेन : 8 किमी लंबे इस मार्ग को चार लेन में बदलने के लिए 10,106.80 लाख रुपये स्वीकृत हैं, जिसका 22% काम पूरा हो चुका है और बचे काम को तीव्र गति से पूरा किया जा रहा है.
• आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की आंतरिक सड़कें : गायत्री शिक्षा निकेतन रोड और गम्हरिया रेलवे स्टेशन एप्रोच रोड का अलकतरा (बिटुमिनस) निर्माण 90% से 95% तक पूरा कर लिया गया है, जिससे स्थानीय कारोबारियों को जाम से बड़ी राहत मिली है.
अन्य रोड सर्किलों की शानदार वित्तीय और भौतिक प्रगति
रांची रोड सर्किल
• वित्तीय प्रगति : इस सर्किल में कुल बजटीय प्रावधान का 75% फंड पूरी तरह से संवितरित और खर्च किया जा चुका है.
• शेष कार्य : भौतिक प्रगति के अनुसार, यहां 25% काम बाकी है, जिसमें मुख्य रूप से शहर के अंदरूनी हिस्सों के लिंक रोड और ड्रेनेज सिस्टम को अंतिम रूप देना शामिल है. जिसे आगामी तिमाही में पूरा कर लिया जाएगा.
दुमका रोड सर्किल
• वित्तीय प्रगति : आवंटित कुल फंड का 70% हिस्सा सफलतापूर्वक खर्च किया जा चुका है. जिससे अंतर-राज्यीय सीमाओं से जुड़ने वाली सड़कों की स्थिति बेहतरीन हो गई है.
• शेष कार्य : ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाले मुख्य जिला मार्गों का लगभग 30% काम बाकी है, जिसे बरसात के मौसम से पहले तेजी से पूरा करने का दबाव है.
हजारीबाग रोड सर्किल
• वित्तीय प्रगति : इस सर्किल ने फंड उपयोग के मामले में बेहतरीन प्रदर्शन किया है और स्वीकृत बजट का 80% हिस्सा खर्च किया जा चुका है.
• शेष कार्य : वित्तीय और भौतिक प्रगति के लिहाज से यहां सिर्फ 20% काम बाकी है, जो आखिरी चरण की फिनिशिंग, सड़क सुरक्षा साइनेज और मार्किंग से जुड़ा है.
डाल्टनगंज रोड सर्किल
• वित्तीय प्रगति : कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच डाल्टनगंज सर्किल में आवंटित फंड का 60% हिस्सा मई 2026 तक सफलतापूर्वक खर्च किया गया है.
• शेष कार्य : नदियों पर बड़े पुलों के निर्माण और दुर्गम पहाड़ी रास्तों को काटने के कारण यहां 40% काम बाकी है, जिसे पूरा करने के लिए अतिरिक्त जनशक्ति लगाई जा रही है.
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