Ranchi: JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर छात्र आंदोलन के बीच 10 अगस्त को झारखंड बंद का ऐलान किया गया है. ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) और ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) ने यह बंद बुलाया है. AISF के प्रदेश सह सचिव अफजल दुर्रानी ने शनिवार को इसकी घोषणा की. लेकिन इसी दिन पूरे झारखंड से हजारों छात्रों के रांची पहुंचने और विधानसभा मार्च करने की तैयारी है. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि जिस दिन छात्रों को रांची पहुंचना है, उसी दिन झारखंड बंद के बीच वे राजधानी पहुंचेंगे कैसे?

छात्रों के समर्थन में बंद, फिर छात्रों के मार्च पर असर क्यों?
छात्रों के आंदोलन के समर्थन में झारखंड बंद बुलाया गया है, लेकिन बंद के कारण अगर बस, ऑटो और दूसरे यातायात साधन प्रभावित होते हैं, तो इसका सीधा असर रांची आने वाले छात्रों पर पड़ सकता है. छात्र संगठनों की ओर से 10 अगस्त को विधानसभा मार्च की तैयारी पहले से की जा रही है. राज्य के अलग-अलग जिलों से छात्रों के रांची आने की बात कही जा रही है. ऐसे में एक ही दिन बंद और मार्च का कार्यक्रम होने से आंदोलन की रणनीति पर ही सवाल उठने लगे हैं.

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AISF के अंदर भी फैसले को लेकर नाराजगी की चर्चा
AISF के प्रदेश सह सचिव की ओर से बंद के ऐलान के बाद संगठन के अंदर भी असहमति की बात सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि AISF के कुछ सदस्य इस फैसले से नाराज हैं और इसका विरोध कर रहे हैं. हालांकि, संगठन की ओर से इस आंतरिक विरोध को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

