Bermo: गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि सह आजसू पार्टी के बेरमो प्रखंड विस्थापित एवं स्थानीय समन्वय समिति के अध्यक्ष जितेंद्र यादव ने रांची में झारखंड सरकार के भू-अर्जन निदेशक ए. दोड्डे से बुधवार को उनके कार्यालय में मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान उन्होंने बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी द्वारा पुनर्वासित गांव ‘नया बस्ती’ के विस्थापितों की लंबे समय से लंबित जमीन के मालिकाना हक और म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) की समस्या को लेकर एक मांग पत्र सौंपा और इस गंभीर विषय पर विस्तृत चर्चा की.

दशकों बाद भी नसीब नहीं हो सका अपनी ही जमीन का मालिकाना हक
भू-अर्जन निदेशक को सौंपे गए पत्र के माध्यम से आजसू नेता ने अवगत कराया कि डीवीसी प्रबंधन द्वारा नया बस्ती गांव में विस्थापितों को बसाया तो गया है, लेकिन दशकों बाद भी उन्हें अपनी ही जमीन का मालिकाना हक नसीब नहीं हो सका है. इस मामले में डीवीसी प्रबंधन और स्थानीय अंचल कार्यालय के बीच अजीबोगरीब कागजी गतिरोध बना हुआ है. जब ग्रामीण इस संबंध में डीवीसी प्रबंधन से वार्ता करते हैं, तो प्रबंधन का कहना होता है कि म्यूटेशन के लिए आवश्यक दस्तावेज अंचल अधिकारी (सीओ) के पास जमा करा दिए गए हैं. इसके विपरीत, जब विस्थापित अंचल कार्यालय से संपर्क साधते हैं, तो वहां से बताया जाता है कि डीवीसी द्वारा अभी तक पूरे पेपर सबमिट नहीं किए गए हैं, जिसके कारण म्यूटेशन की पूरी प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है.
गरीब विस्थापितों को भुगतना पड़ रहा कागजी तालमेल की कमी का खामियाजा
सांसद प्रतिनिधि ने निदेशक के समक्ष विस्थापितों का पक्ष रखते हुए कहा, कि डीवीसी प्रबंधन और अंचल कार्यालय के बीच आपसी कूटनीतिक गतिरोध और कागजी तालमेल की कमी का खामियाजा यहां के गरीब विस्थापितों को भुगतना पड़ रहा है. मालिकाना हक से वंचित होने के कारण ग्रामीण वर्षों से मानसिक और प्रशासनिक रूप से परेशान हो रहे हैं. उन्होंने निदेशक से इस संवेदनशील विषय को संज्ञान में लेते हुए डीवीसी प्रबंधन और संबंधित अंचल अधिकारी को संयुक्त रूप से आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया. साथ ही मांग की कि डीवीसी द्वारा सभी लंबित दस्तावेजों को जल्द से जल्द अंचल कार्यालय में जमा करवाकर ‘नया बस्ती’ के विस्थापितों के पक्ष में म्यूटेशन की प्रक्रिया को पूरा कराने का आदेश जारी किया जाए, ताकि ग्रामीणों को उनकी जमीन का वैध अधिकार मिल सके. इस मुलाकात के दौरान भू-अर्जन निदेशक ए. दोड्डे ने मामले को गंभीरता से सुनते हुए नियमानुसार उचित और त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया है.
