Bermo: बेरमो अनुमंडल अंतर्गत बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी की आवासीय कॉलोनी और आसपास की निजी कॉलोनियों में पिछले एक माह से भी अधिक समय से चरमराई बिजली व्यवस्था और घंटों की जा रही लोड शेडिंग ने स्थानीय निवासियों एवं कामगारों का जीना मुहाल कर दिया है. भीषण और उमस भरी गर्मी के बीच दिन-रात बिजली गायब रहने से लोगों का धैर्य अब जवाब दे गया है. डीवीसी प्रबंधन की इस बदहाल और उदासीन रवैये के खिलाफ स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है.

मरम्मत के नाम पर की जाती है 8 घंटे तक की अघोषित लोड शेडिंग- जिप सदस्य
मामले को लेकर जिला परिषद सदस्य शहजादी बानो ने प्रबंधन की गलत नीतियों की कड़े शब्दों में बुधवार को निंदा करते हुए उन्हें दो टूक चेतावनी दी है. जिप सदस्य शहजादी बानो ने कहा है कि डीवीसी प्रबंधन की त्रुटिपूर्ण नीतियों के कारण आवासीय कॉलोनी से आधे से ज्यादा लोग और अवकाश प्राप्त कर्मी यहां से पलायन कर चुके हैं. इसके बावजूद, लोड कम होने पर बिजली व्यवस्था में सुधार होने की बजाय स्थिति और बदतर हो गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन के इशारे पर कॉलोनी सबस्टेशन द्वारा आए दिन मरम्मत के नाम पर दो से लेकर आठ-आठ घंटे तक की अघोषित लोड शेडिंग कर दी जाती है, जिसकी कोई अग्रिम सूचना उपभोक्ताओं या कामगारों को नहीं दी जाती. कभी-कभी तो यह कटौती लगातार 15 से 16 घंटे तक पहुंच जाती है. इसके साथ ही लो-वोल्टेज की समस्या ने भी लोगों की परेशानी को दोगुना कर दिया है.
कामगारों से 30 से 40 घंटे तक लगातार कराया गया ओवरटाइम
शहजादी बानो ने सबस्टेशन के कामगारों के शोषण का मुद्दा भी उठाते हुए कहा, कि वहां कार्यरत सभी 19 कामगारों से 30 से 40 घंटे तक लगातार ओवरटाइम कराया गया है, लेकिन प्रबंधन द्वारा उनके बकाए का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों में भी भारी रोष व्याप्त है. वर्तमान में स्थिति यह हो गई है कि पूरे दिन में बमुश्किल 5 से 6 घंटे ही बिजली नसीब हो पा रही है, जबकि कई मोहल्लों में तो पूरी-पूरी रात और दिन बिजली पूरी तरह नदारद रहती है. इस चिलचिलाती गर्मी में बिना बिजली-पानी के लोग रात-रात भर सोने को तरस रहे हैं. जिप सदस्य ने प्रबंधन को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अविलंब बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया, तो सबस्टेशन को पूरी तरह ठप कराकर सड़कों पर डीवीसी प्रबंधन के खिलाफ जोरदार जनआंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी डीवीसी प्रबंधन और संबंधित सबस्टेशन विभाग की होगी.
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