Ranchi: रांची समाहरणालय परिसर में एसडीओ कार्यालय के कर्मी महेंद्र कुमार दास के साथ कथित मारपीट और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इस संबंध में अखिल भारतीय अनुसूचित जाति समन्वय समिति, झारखंड ने उपायुक्त रांची को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

अधिवक्ताओं पर अभद्र व्यवहार का आरोप
समिति द्वारा दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि 02 जून 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे एसडीओ कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी महेंद्र कुमार दास के साथ कुछ अधिवक्ताओं द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया. ज्ञापन के अनुसार, 5-6 अधिवक्ताओं ने कार्यालय में घुसकर कर्मचारी के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट की. इस दौरान कार्यालय के अन्य कर्मचारी एवं आम लोग भी मौजूद थे.
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सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने का भी आरोप
समिति ने अपने आवेदन में कहा है कि यह घटना न केवल एक सरकारी कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार का मामला है, बल्कि अनुसूचित जाति समाज की गरिमा और सम्मान पर भी सीधा आघात है. संगठन का आरोप है कि घटना के दौरान सरकारी कार्य में भी बाधा पहुंचाई गई, जिससे कार्यालय का कामकाज प्रभावित हुआ.
एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग
अखिल भारतीय अनुसूचित जाति समन्वय समिति ने उपायुक्त से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाए. साथ ही, घटना में शामिल अधिवक्ताओं के खिलाफ आवश्यक विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई करने तथा बार काउंसिल को भी मामले से अवगत कराने की मांग की गई है.
बार काउंसिल को सूचना देने की मांग
समिति के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित कर्मचारी को न्याय नहीं मिला और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो अनुसूचित जाति समाज और संगठन व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
