Hazaribagh : कटकमसांडी प्रखंड क्षेत्र के शाहपुर गांव में महिलाओं के नाम पर कथित रूप से फर्जी लोन निकालने और अवैध वसूली किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है, गांव की कई महिलाओं ने आरोप लगाया है कि कुछ दलालों और बैंक एजेंटों ने सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की है. मामले के सामने आने के बाद पूरे गांव में आक्रोश का माहौल है और ग्रामीण प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
पशुपालन योजना के लाभ का दिया भरोसा

ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि उन्हें पशुपालन योजना के तहत लाभ दिलाने का भरोसा देकर बैंक ले जाया गया. वहां उनसे विभिन्न दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए, महिलाओं को बताया गया कि सरकार की ओर से सहायता राशि और भैंस उपलब्ध कराई जाएगी, लेकिन बाद में पता चला कि उनके नाम पर बैंक से पशुपालन ऋण जारी कर दिया गया है.
न भैंस मिली, न लोन
आरोप है कि न तो महिलाओं को भैंस मिली और न ही लोन की राशि उनके हाथ तक पहुंची, पीड़ित महिलाओं में शामिल रानी देवी समेत अन्य महिलाओं ने बताया कि दलालों ने उनका बैंक पासबुक और दस्तावेज अपने कब्जे में रख लिया था. अब बैंक एजेंट उनके घर पहुंचकर किस्त जमा करने का दबाव बना रहे हैं, महिलाओं का आरोप है कि पैसे जमा नहीं करने पर धमकी भी दी जा रही है, जिससे वे भय और मानसिक तनाव में हैं. इसी बीच गांव में महिलाओं से कथित रूप से पैसे वसूले जाने का मामला भी सामने आया है. एक हस्तलिखित शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि 13 मई 2025 को गांव की महिलाओं से राशि एकत्रित कर उसका वितरण किया गया, मामले को लेकर गांव में बैठक आयोजित हुई, जहां ग्रामीणों ने पूरी घटना पर नाराजगी जताई और निष्पक्ष जांच की मांग की.
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