Hazaribagh: बंदोबस्त कार्यालय और बरही तस्दीक शिविर से जुड़े कार्यों में अनियमितता, फर्जी एनओसी के आधार पर जमीन लेन-देन और सरकारी योजनाओं में लापरवाही के गंभीर आरोप सामने आए हैं. मामले को लेकर विभागीय स्तर पर जांच की मांग की गई है.
जानकारी के अनुसार बोकारो जिले के तेतुलिया मौजा में करीब 103 एकड़ वन भूमि की अवैध खरीद-बिक्री और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले की कड़ियां हजारीबाग तक जुड़ने की बात कही जा रही है. आरोप है कि फर्जी एनओसी के आधार पर जमीन कारोबार से जुड़े मामलों में कुछ कर्मियों की भूमिका संदिग्ध रही है. इस मामले में झारखंड सरकार के राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग को आवेदन देकर जांच की मांग की गई है.
राशि से जुड़े कार्यों में भी लापरवाही का आरोप
वहीं 50 लाख रुपये की राज्य योजना के तहत हजारीबाग बंदोबस्त कार्यालय के लिए आवंटित 20 लाख रुपये की राशि से जुड़े कार्यों में भी लापरवाही का आरोप है. आरोप है कि नक्शा प्रकाशन और बंदोबस्त कार्य से संबंधित डिमांड समय पर रांची नहीं भेजी गई, जिससे प्रक्रिया लंबित रही. इस पर विभागीय स्तर पर अलग-अलग दावे भी सामने आए हैं. कार्यों के आवंटन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं. एक निम्न वर्गीय लिपिक पर एक साथ कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने और कार्यों के निष्पादन में पारदर्शिता नहीं रखने के आरोप लगे हैं. संबंधित कर्मी ने इन आरोपों को निराधार बताया है.
बरही तस्दीक शिविर से जुड़े मामलों में भी अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, जिनमें लंबे समय तक रिकॉर्ड लंबित रहने और कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत शामिल है. मामले की जांच के लिए पहले भी विभागीय स्तर पर कमेटी गठित की गई थी, लेकिन अब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हो सकी है. इससे मामले में कार्रवाई की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं.
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