रांची: खेल की दुनिया में अक्सर खिलाड़ी भावना और ‘कर्तव्य’ की बातें होती हैं, लेकिन टीम इंडिया के युवा सितारे इशान किशन ने रविवार को जो कर दिखाया, उसने वीरता की एक नई मिसाल पेश की है. जिस वक्त इशान अहमदाबाद के मैदान पर टी 20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में रनों की बरसात कर रहे थे, उस समय उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा हुआ था. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फाइनल मुकाबले से ठीक पहले इशान किशन की चचेरी बहन वैष्णवी और उनके जीजा ऋत्विक ठाकुर की एक भीषण सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. यह हादसा सिलीगुड़ी के पास नेशनल हाईवे-27 पर हुआ. जानकारी के मुताबिक, दोनों एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे, तभी उनकी कार दुर्घटना का शिकार हो गई. इशान के पिता प्रणव पांडे को जब यह सूचना मिली, इशान के पिता प्रणव पांडे पटना एयरपोर्ट के लिए निकल चुके थे, जहां से उन्हें अहमदाबाद पहुंचकर अपने बेटे को फाइनल खेलते देखना था. खबर मिलते ही उन्होंने अपनी यात्रा रद्द की और सिलीगुड़ी के लिए रवाना हुए.
इशान का साहस, दर्द के बीच जड़ी फिफ्टी
शुक्रवार को हुई इस घटना के बाद, इशान को जब मैच से ठीक पहले इस खबर का पता चला, तो उन्होंने टूटने के बजाय देश के लिए खेलना चुना.भारी मन और आंखों में छिपे आंसुओं के साथ इशान मैदान पर उतरे. उन्होंने न केवल बल्लेबाजी की, बल्कि फाइनल जैसे दबाव वाले मैच में शानदार अर्धशतक (50 रन) जड़कर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई. मिसाल बन गई. मैच खत्म होने और विश्व कप ट्रॉफी उठाने के बाद जब यह खबर सार्वजनिक हुई, तो सोशल मीडिया पर प्रशंसकों की आंखें नम हो गईं.



