कोल इंडिया की नई कैडर स्कीम के खिलाफ फूटा गुस्सा, AIDEOA ने आंदोलन का बिगुल फूंका

Dhanbad: कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा हाल ही में लागू की गई नई एक्सक्यूटिव कैडर स्कीम के खिलाफ माइनिंग अधिकारियों में गहरा असंतोष...

Dhanbad: कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा हाल ही में लागू की गई नई एक्सक्यूटिव कैडर स्कीम के खिलाफ माइनिंग अधिकारियों में गहरा असंतोष देखा जा रहा है. ऑल इंडिया माइनिंग ऑफिसर एसोसिएशन ने इस नीति को कर्मचारियों के भविष्य के साथ अन्याय बताते हुए चरणबद्ध आंदोलन शुरू कर दिया है.

महामंत्री की सख्त चेतावनी

बीसीसीएल के केंद्रीय पदाधिकारियों की विशेष बैठक महामंत्री कुश कुमार सिंह के नेतृत्व में आयोजित की गई. बैठक में उन्होंने कहा कि यह नई नीति विभागीय पदोन्नति पाने वाले माइनिंग सुपरवाइजरी स्टाफ के करियर को सीमित कर देगी और उनके भविष्य पर गंभीर असर डालेगी.

करियर ग्रोथ पर असर

संगठन का कहना है कि नई योजना लागू होने के बाद विभागीय पदोन्नति पाने वाले कर्मी अपने पूरे सेवाकाल में अधिकतम ई4 या ई5 ग्रेड तक ही पहुंच पाएंगे, जिससे उनके करियर की प्रगति रुक जाएगी.

वेतन और सम्मान पर प्रभाव

इस नीति के कारण अधिकारियों के वेतन पर भी असर पड़ेगा और उनके पद की गरिमा व मनोबल में गिरावट आएगी. संगठन का आरोप है कि यह नीति कर्मचारियों के साथ भेदभाव करती है.

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भेदभाव का आरोप

एआईडीईओए का कहना है कि कोल इंडिया की यह नीति असमानता को बढ़ावा देती है. संगठन ने मांग की है कि विभागीय अधिकारियों के लिए समान और न्यायसंगत करियर प्रगति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए.

काला बिल्ला लगाकर विरोध

संगठन ने विरोध के पहले चरण में 24 से 30 अप्रैल तक माइनिंग स्टाफ को काला बिल्ला लगाकर काम करने का आह्वान किया है. इसके तहत कर्मचारी शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं.

उग्र आंदोलन की चेतावनी

संगठन ने साफ कहा है कि यदि प्रबंधन ने समय रहते इस नीति में बदलाव नहीं किया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रबंधन की होगी.

बैठक में कई पदाधिकारी शामिल

इस बैठक में कुश कुमार सिंह के अलावा वाई के सिंह, रवि ओंकार, रामप्यारे प्रसाद, विजय यादव, जय नंदन पासवान, संजय कुमार सिंह, अरुण कुमार दुबे, शिव शंकर महतो और राकेश प्रसाद सिन्हा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे.

अंतिम संदेश

संगठन ने दो टूक कहा है कि जब तक विभागीय अधिकारियों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.

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