GUMLA: झारखंड में कई धार्मिक पर्यटन स्थल हैं, जहां लोगों की गहरी आस्था और विश्वास जुड़ा हुआ है. इन स्थलों पर साल भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है. इन्हीं के बीच गुमला जिले में स्थित हनुमान जी की जन्मस्थली अंजनगांव इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है. जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित यह पवित्र स्थल ऊंचे पहाड़ों और प्राकृतिक वादियों के बीच बसा हुआ है. प्राकृतिक सुंदरता से घिरा यह स्थान न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यहां आने वाले लोगों को मानसिक शांति और सुकून भी प्रदान करता है.
श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था और अनुभव
श्रद्धालु यहां अपने पूरे परिवार के साथ पहुंचकर हनुमान जी और माता अंजनी से परिवार और समाज की सुख-शांति की कामना करते हैं. जमशेदपुर से आए दंपति सुगंती देवी और निशु नारायण सिंह ने बताया that यह स्थल वास्तव में अद्भुत है, जहां माता अंजनी ने हनुमान जी को जन्म दिया था. उन्होंने कहा कि इस स्थान का महत्व समझने के लिए यहां आना जरूरी है. उन्होंने यह भी कहा कि वे लंबे समय से इस स्थल के बारे में सुनते आ रहे थे, लेकिन यहां आने के बाद जो अनुभव हुआ, वह शब्दों में बयां करना मुश्किल है. उनके अनुसार, उन्होंने कई धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया है, लेकिन यहां जो सुकून मिला, वह अलग ही है.
पर्यटन और रोजगार की संभावनाएं
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का मानना है कि इस तरह के धार्मिक स्थल झारखंड को देशभर में एक अलग पहचान दिलाते हैं. साथ ही, यदि यहां पर्यटन सुविधाओं का और विकास किया जाए, तो न केवल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होंगे और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. सरकार द्वारा यहां तक बेहतर सड़क निर्माण किए जाने से आवागमन भी आसान हुआ है और आने वाले समय में इस स्थल के और विकास की संभावना जताई जा रही है.
आस्था और बुलावे की मान्यता
श्रद्धालुओं का यह भी मानना है कि ऐसे पवित्र स्थलों पर व्यक्ति तभी पहुंच पाता है, जब उसे देवी-देवताओं का बुलावा मिलता है. यही आस्था इस स्थल को और भी विशेष बनाती है.
