Ranchi : नई शिक्षा नीति ( NEP ) के लागू होने के बाद छात्रों को एक से चार वर्ष के बीच विभिन्न स्तरों पर पाठ्यक्रम छोड़ने का विकल्प दिया गया है. इसके तहत तीन वर्ष की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को स्नातक (बैचलर) की डिग्री प्रदान की जानी चाहिए. लेकिन रांची के मारवाड़ी कॉलेज के सैकड़ों छात्र पिछले कई महीनों से अपनी डिग्री के लिए कॉलेज के चक्कर लगाने को मजबूर हैं.
छात्रों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने मार्च महीने में छह सेमेस्टर की सभी मार्कशीट के साथ डिग्री के लिए आवेदन जमा करवाया था. छात्रों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए. लेकिन आज तक अधिकांश छात्रों को उनकी डिग्री नहीं मिली है.

नौकरी के लिये आवेदन नहीं कर पा रहे छात्र
डिग्री नहीं मिलने से छात्रों के सामने रोजगार और उच्च शिक्षा से जुड़ी गंभीर समस्याएं खड़ी हो गई हैं. कई सरकारी और निजी क्षेत्रों में निकलने वाली नौकरियों के लिए आवेदन करते समय स्नातक डिग्री अनिवार्य रूप से मांगी जाती है. ऐसे में डिग्री के अभाव में छात्र अलग अलग वैकेंसी में आवेदन नहीं कर पा रहे हैं और महत्वपूर्ण अवसर उनके हाथ से निकलते जा रहे हैं.
छात्रों को मिल रहा सिर्फ आश्वासन
छात्रों का कहना है कि वे बार बार कॉलेज जाकर अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन उन्हें केवल आश्वासन दिया जा रहा है. समस्या का कोई ठोस समाधान अब तक नहीं निकाला गया है. इससे छात्रों में भारी नाराजगी है.
छात्रों ने आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रशासन की उदासीनता उनके करियर के साथ खिलवाड़ कर रही है. कई छात्रों ने कहा कि समय पर डिग्री नहीं मिलने के कारण उन्हें मानसिक तनाव और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. पढ़ाई पूरी होने के बावजूद वे न तो नौकरी के लिए आवेदन कर पा रहे हैं और न ही आगे की पढ़ाई से संबंधित कई प्रक्रियाएं पूरी कर पा रहे हैं.
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