Ranchi: झारखंड के उत्पाद विभाग को लेकर जारी परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट के बाद प्रदेश की राजनीति तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी ने रिपोर्ट में सामने आए निष्कर्षों को गंभीर बताते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है. भाजपा का आरोप है कि विभाग में हुई कथित अनियमितताओं के कारण सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
रिपोर्ट में राजस्व प्रबंधन से जुड़ी खामियों के उल्लेख होने का दावा
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार ने बुधवार को कहा, कि वर्ष 2021-22 से 2024-25 तक की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट में उत्पाद विभाग की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं. उनका दावा है कि रिपोर्ट में शराब कारोबार की निगरानी व्यवस्था, सुरक्षा होलोग्राम, जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और राजस्व प्रबंधन से जुड़ी खामियों का उल्लेख किया गया है. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार इन कमियों के चलते सरकार को करीब 20 हजार करोड़ रुपये तक के संभावित राजस्व नुकसान की आशंका है.

रिपोर्ट में उल्लेखित बिंदुओं की जांच की मांग
भाजपा का कहना है कि ऑडिट रिपोर्ट में शराब की बोतलों पर लगाए जाने वाले सुरक्षा होलोग्राम की व्यवस्था, परिवहन में उपयोग किए जाने वाले GPS सिस्टम की निगरानी और विभागीय रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं. पार्टी का आरोप है कि इन खामियों के कारण राजस्व संग्रह और निगरानी व्यवस्था प्रभावित हुई. प्रवक्ता अविनेश कुमार ने कहा, कि रिपोर्ट में जिन बिंदुओं का उल्लेख किया गया है, उनकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए. उन्होंने दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की है. पार्टी ने नैतिक आधार पर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की भी मांग उठाते हुए कहा, कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा इस मुद्दे को राज्यभर में जनता के बीच लेकर जाएगी.
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