Ranchi: झारखंड की सियासत में आने वाले दिनों में राजनीतिक घमासान देखने को मिल सकता है. राजधानी रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कोर कमेटी की बैठक हुई. प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्य सरकार के खिलाफ चौतरफा मोर्चा खोलने का पूरा रोडमैप तैयार किया गया. भाजपा अब राज्य सरकार की विफलताओं को लेकर जनता के बीच जाने और जमीनी स्तर पर उग्र आंदोलन शुरू करने की रणनीति पर काम कर रही है.
किसानों के मुद्दे पर ब्लॉक स्तर पर होगा महाधरना
प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने साफ किया कि झारखंड में भ्रष्टाचार चरम पर है और जनसमस्याओं का अंबार लगा हुआ है. पानी-बिजली के संकट और पूर्व में हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे कार्यक्रमों के बाद, अब भाजपा का अगला सबसे बड़ा निशाना किसान और उनके हक की लड़ाई है. मौजूदा राज्य सरकार ने किसानों के साथ खुली वादाखिलाफी की है. इसके विरोध में भाजपा ने राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया है.

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संगठन की मजबूती पर चर्चा
संगठन को वैचारिक और व्यावहारिक रूप से मजबूत करने के लिए पार्टी के प्रशिक्षण महाअभियान पर भी कोर कमेटी में गहन मंथन हुआ. कोर कमेटी में शीर्ष नेताओं से मिले दिशा-निर्देशों को अमलीजामा पहनाने के लिए शुक्रवार को प्रदेश पदाधिकारियों की एक और बैठक बुलाई गई है, जिसमें इसे बूथ स्तर तक लागू करने की रूपरेखा तय होगी.
बैठक में ये रहे मौजूद
आदित्य साहू (प्रदेश अध्यक्ष), बाबूलाल मरांडी (नेता प्रतिपक्ष), रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, मधु कोड़ा, संजय सेठ (केंद्रीय राज्य मंत्री), दीपक प्रकाश (राज्यसभा सांसद), नागेंद्र नाथ त्रिपाठी (क्षेत्रीय संगठन महामंत्री, बिहार-झारखंड), कर्मवीर सिंह (संगठन महामंत्री, झारखंड), समीर उरांव (राष्ट्रीय अध्यक्ष, एसटी मोर्चा), भानु प्रताप शाही (प्रदेश उपाध्यक्ष), अमर कुमार बाउरी, गणेश मिश्रा, मनोज सिंह और अनंत ओझा मौजूद रहे.
