रांची: प्रदेश कांग्रेस के मीडिया चेयरमैन सतीश पॉल मुंजनी ने कहा कि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर में 115 रुपये की बढ़ोतरी कर केंद्र की भाजपा सरकार ने एक बार फिर देश की गरीब, मध्यम वर्गीय और मेहनतकश जनता पर महंगाई का भारी बोझ डाल दिया है.
जिस समय आम लोग पहले से ही बढ़ती महंगाई से परेशान हैं, उस समय यह फैसला सीधे तौर पर जनता की रसोई पर हमला है. खुद केंद्र सरकार और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने हाल ही में साफ कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है.

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों को भी खारिज किया है, जिनमें देश में ईंधन की कमी का दावा किया जा रहा था, और इन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया है.
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रसोई गैस की कीमतों में यह बढ़ोतरी क्यों
मुंजनी ने कहा कि सरकारी सूत्रों के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताओं के बावजूद भारत क्रूड ऑयल, पेट्रोलियम उत्पाद और एलपीजी की सप्लाई के मामले में “बहुत आरामदायक स्थिति” में है। देश के पास कई स्रोतों से पर्याप्त ऊर्जा आपूर्ति उपलब्ध है, जो संभावित बाधाओं से कहीं अधिक है.
ऐसी स्थिति में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और सप्लाई भी पर्याप्त है, तो फिर रसोई गैस की कीमतों में यह बढ़ोतरी क्यों की गई? इससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा सरकार आम जनता की परेशानी की परवाह किए बिना लगातार महंगाई का बोझ उन पर डाल रही है.
केंद्र की भाजपा सरकार से मांग है कि रसोई गैस की बढ़ाई गई कीमतों को तुरंत वापस लिया जाए और आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं.
