Ranchi: तंबाकू के धुएं और मादक पदार्थों के अंधेरे को पीछे छोड़, गुरुवार सुबह राजधानी रांची की सड़कों पर एक नई सुबह और नई ऊर्जा का संचार हुआ. मौका था पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग द्वारा आयोजित एक भव्य जागरूकता मैराथन का. मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका के साये से जब सैकड़ों कदम एक साथ आगे बढ़े, तो मकसद सिर्फ रेस जीतना नहीं, बल्कि समाज से नशे की लत को जड़ से उखाड़ फेंकना था. इस दौड़ ने यह साफ संदेश दे दिया कि झारखंड का युवा अब नशे की ‘रफ़्तार’ पर ब्रेक लगाने के लिए पूरी तरह तैयार है.
मंत्री सुदिव्य कुमार ने हरी झंडी दिखाकर मैराथन को किया रवाना
मैराथन की शुरुआत बेहद उत्साहजनक रही. विभागीय मंत्री सुदिव्य कुमार ने हरी झंडी दिखाकर धावकों को रवाना किया. देखते ही देखते पूरा मार्ग ‘नशा छोड़ो, स्वस्थ जीवन अपनाओ’, ‘युवा शक्ति देश की ताकत है’ और ‘नशामुक्त झारखंड हमारा संकल्प है’ जैसे गगनभेदी नारों से गूंज उठा. इस दौड़ में केवल पेशेवर खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि स्कूली छात्र, कॉलेज के युवा और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कंधे से कंधा मिलाकर हिस्सा लिया. हर धावक के चेहरे पर समाज को बदलने का एक दृढ़ संकल्प साफ झलक रहा था.

यह सिर्फ एक दौड़ नहीं, बल्कि सामाजिक क्रांति का शंखनाद है
मंत्री सुदिव्य कुमार ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विजन को रेखांकित करते हुए कहा कि आज के दौर में नशा हमारी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, जो सिर्फ एक जिंदगी को नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को दीमक की तरह चाट रहा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर राज्यव्यापी अभियान चलाया जा रहा है. मोरहाबादी से शुरू हुई यह मैराथन महज एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की एक बड़ी क्रांति है. उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी असीमित ऊर्जा को नशे के गर्त में बहाने के बजाय खेल, कला और रचनात्मक कार्यों में लगाएं, ताकि एक सशक्त और समृद्ध झारखंड का निर्माण हो सके.
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खेल और संस्कृति के जरिए ‘मास्टरस्ट्रोक’ खेलने की तैयारी
कार्यक्रम में मौजूद खेल विभाग के निदेशक ने स्पष्ट किया कि विभाग अब नशे के खिलाफ सिर्फ कागजी दावों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ‘रूट लेवल’ प्लानिंग के साथ काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि युवाओं को भटकने से बचाने के लिए खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और जनसंपर्क के माध्यम से लगातार सकारात्मक मंच उपलब्ध कराए जा रहे हैं. समाज के हर वर्ग को इस मुहिम से जोड़कर ही नशे के खिलाफ एक मजबूत जनआंदोलन खड़ा किया जा सकता है.
अब बदलेगी झारखंड की तस्वीर
मैराथन का समापन एक भावुक और प्रेरणादायक क्षण के साथ हुआ, जहां सभी प्रतिभागियों ने एक सुर में ‘नशामुक्त झारखंड’ बनाने की सामूहिक शपथ ली. इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब युवा शक्ति किसी सामाजिक बुराई के खिलाफ खड़ी होती है, तो बदलाव निश्चित है. विभाग को उम्मीद है कि इस तरह के आयोजनों से राज्य के युवाओं में न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि वे एक स्वस्थ और स्वच्छ जीवनशैली को अपनाने के लिए प्रेरित होंगे.


