Newswave Desk: राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से पुरानी पेंशन योजना (OPS) में शामिल हुए पुलिस पदाधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किया गया है. हाल ही में झारखंड पुलिस एसोसिएशन के द्वारा पत्र के माध्यम से पुलिस मुख्यालय को सूचित किया गया था कि NPS से OPS का विकल्प चुनने वाले कर्मियों को सेवानिवृत्ति के बाद पुरानी पेंशन का लाभ प्राप्त करने के लिए एनओसी प्राप्त करने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

एंप्लॉई पोर्टल से मिलेगी सुविधा
पुलिस मुख्यालय के अनुसार एनपीएस से ओपीएस में परिवर्तित कर्मचारियों के लिए कर्मचारी सेवा पोर्टल पर एनओसी प्राप्त करने के संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश पहले से निहित हैं. पुलिस कर्मियों की आ रही समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यालय ने दुबारा विस्तृत दिशानिर्देश के साथ सभी संबंधित विभागों एवं जिलों को भेज दिया है ताकि आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके. जारी किए गए आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि इस प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी होती है, तो संबंधित पुलिस अधिकारी या कर्मी पेंशन एवं लेखा निदेशालय, धुर्वा गोलचक्कर, रांची में भौतिक रूप से उपस्थित होकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और अपनी समस्या का निवारण करा सकते हैं.
वित्त विभाग के SOP के तहत तय की गई अलग अलग श्रेणियां और प्रक्रियाएं
– वित्त विभाग के संकल्प के तहत सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के लिए कई मानक संचालन प्रक्रिया निर्धारित की गई है.
– एक सितंबर 2022 से पूर्व सेवानिवृत्त कर्मी (जिन्हें एनपीएस राशि का भुगतान नहीं हुआ है) ऐसे कर्मियों को अपने निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी कार्यालय प्रधान के समक्ष एनपीएस निकासी प्रपत्र तथा परिशिष्ट-‘क’ में शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा.
– डीडीओ सर्विस बुक की जांच के बाद इसे कोषागार के माध्यम से भविष्य निधि निदेशालय, वित्त विभाग, रांची को भेजेंगे.
– इसके उपरांत कर्मी को लाभांश सहित प्राप्त सरकारी अंशदान की राशि झारखंड ई-ग्रास पोर्टल पर चालान के माध्यम से लोक लेखा शीर्ष (राजकोष) में जमा करनी होगी.
– चालान जमा होने के बाद सिस्टम द्वारा जीआरएन नंबर ऑनलाइन सत्यापित किया जाएगा, जिसके बाद ही पेंशन प्रपत्र भरा जा सकेगा.
एक सितंबर 2022 से पूर्व सेवानिवृत्त कर्मी (जिन्हें NPS राशि का भुगतान हो चुका है)
– ऐसे कर्मियों को भी डीडीओ के समक्ष शपथ पत्र (परिशिष्ट-‘क’) देना होगा.
– सरकारी अंशदान एवं उस पर प्राप्त लाभांश की पूरी राशि चालान के जरिए राजकोष में वापस जमा करने और उसका सत्यापन होने के बाद ही पुरानी पेंशन योजना के तहत पेंशन अनुमान्य होगी.
सेवाकाल के दौरान मृत्यु के मामले
– आश्रितों को जीपीएफ संख्या के आधार पर पारिवारिक पेंशन की कार्रवाई की जाएगी. पीपीओ निर्गमन के बाद आश्रित द्वारा एनपीएस में जमा कर्मी अंशदान की राशि का दावा किया जाएगा. सरकारी अंशदान की राशि समायोजित की जाएगी.
– एक दिसंबर 2004 से 31 अगस्त 2022 के बीच मृत कर्मी के आश्रितों द्वारा सरकारी अंशदान एवं लाभांश की राशि वापस करने के बाद ही पुरानी पारिवारिक पेंशन का लाभ दिया जाएगा.वित्त विभाग द्वारा निर्धारित समय-सीमा के अनुसार कर्मी द्वारा शपथ पत्र जमा करने के 15 दिनों के भीतर डीडीओ उसे कोषागार में भेजेंगे.

