Ranchi: खूंटी के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में सजायाफ्ता जेठा कच्छप को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. न्यायाधीश अनिल कुमार चौधरी की अदालत ने जेठा कच्छप की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें जमानत प्रदान की है.
2013 के दोहरे हत्याकांड से जुड़ा मामला
दरअसल, जेठा कच्छप एवं पूर्व विधायक पौलूस सुरीन पर ठेकेदार भूषण सिंह और रामगोविंद सिंह की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है. यह घटना 27 मई 2013 की है. इसे लेकर मृतक के भाई ने खूंटी के कर्रा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी.

दुष्कर्म का आरोप और धरना से जुड़ा घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, ठेकेदार भूषण सिंह पर वर्ष 2013 में एक महिला के साथ दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था. हालांकि, पुलिस जांच में दुष्कर्म का मामला फर्जी पाए जाने के बाद जांच बंद कर दी गई थी. इसके बाद भूषण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पूर्व विधायक पौलूस सुरीन, जेठा कच्छप समेत कई लोगों ने कर्रा में धरना दिया था.
नक्सलियों ने की थी हत्या
इसी दौरान 27 मई 2013 को ग्राम त्रिला में नक्सलियों ने ठेकेदार भूषण सिंह और रामगोविंद सिंह की AK-47 राइफल से गोली मारकर हत्या कर दी थी. उस समय दोनों पुस्तकालय के पास ताश खेल रहे थे.
2024 में हुई थी उम्रकैद की सजा
हत्या के बाद भूषण सिंह की बहन ने पौलूस सुरीन एवं जेठा कच्छप पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था. लगभग 11 वर्ष बाद अप्रैल 2024 में खूंटी की अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. अब इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने जेठा कच्छप को जमानत दे दी है.
