बजट सत्रः जिस जमीन पर सांसदों व विधायकों का गृह निर्णाण होना है उसमें 1971-71 से की जा रही खेती, तीन एकड़ रिंग रोड में चली गई, रघुवर काल में कर दी गई थी जमाबंदी रद्दः राधाकृष्ण

रांचीः झारखंड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 13 वें दिन संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सांसदों विधायकों के गृह...

रांचीः झारखंड विधानसभा में चल रहे बजट सत्र के 13 वें दिन संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सांसदों विधायकों के गृह निर्माण वाली जमीन पर सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि इस मसले पर राजस्व मंत्री , राजस्व सचिव और रांची डीसी से बात हुई.  जिसमें पता चला कि इस जमीन का अबंटन 2016 में हुआ था.  कांके में 35 एकड़ जमीन है.  जमीन का हस्तांतरण स्वालंबी सहकारी समिति के संयुक्त सचिव को किया गया.  14 अप्रैल 2018 को गृह निर्माण समिति ने  1.70 करोड़ रुपए जमा भी किया.  1-06-2018 को एकरारनामा पूरा हुआ.  जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया तेजी से बढ़ी.  वर्तमान में उस 35 एकड़ जमीन में 3.30 एकड़ भूमि पर रिंग रोड है.  दो एकड़ में आदिवसी मसना है.  तीन एकड़ जमीन में सात डोभा है.  तीन एकड़ जमीन में गड्ढा है.   वर्तमान 23.70 एकड़ जमीन में ग्रामीणों द्वारा खेती की  जा रही है.  बंधना करमाली, चरकू करमाली, चरकू मुंडा  व अन्य के नाम पर इस जीम की बंदोबस्ती 1970-71 में की गई थी.  तबसे वे इस जमीन पर खेती कर रहे हैंथ.  लेकिन रघुवर शासन काल में इनकी जमाबंदी रद्द कर दी गई थी.  

आदिवासी जमीन पर हम अपना घर नहीं बनाएंगे

संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि हम आदिवासी जमीन पर अपना घर नहीं बनाएंगे.  दो महीने के अंदर विवाद रहित जमीन खोज कर समिति को आबंटित कर दिया जाएगा.

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